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  • पुलिस टीम को ढाई हजार ईनाम की एसपी ने की घोषणा

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के थराली विकास खंड के बैनोली गांव में एक नेपाली मूल के व्यक्ति ने अपने रिस्ते के भतीजे को सिर पर लकडी की फंडी मार कर मौत के घाट उतार दिया था जिसके बाद से वह फरार चल रहा था, जिसे मंगलवार की देर रात को थराली पुलिस ने गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में पेश किया है। घटना का अनावरण करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने ढाई हजार के ईनाम की घोषणा की है।

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि बीते 29 अप्रैल को थराली के ग्राम सभा बैनोली के पटवारी क्षेत्र में रात्रि को नेपाली मूल के मन बहादूर की हत्या के आरोप में भक्त बहादूर उर्फ भरत पर  राजस्व पुलिस में एक मामला पंजीकृत किया गया था। जिसे बाद में सात मई को नियमित पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस के पास मामला आने के बाद उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी  विवेचना प्रभारी निरीक्षक थराली देवेंद्र सिंह रावत को सौंपी। और घटना का शीघ्र अनावरणा किये जाने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक की ओर से गठित टीम की ओर से साक्ष्यों को एकत्र कर और अभियुक्त के मामले में सुराग लगाते हुए मंगलवार की सांय थराली के कुराड जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार किया गया।

 

क्या था मामला

गिरफ्तारी के पश्चात पूछताछ में आरोपित भक्त बहादूर उर्फ भरत ने बताया कि मृतक मनबहादुर और वह नेपाल में एक ही स्थान के रहने वाले है तथा रिश्ते में मृतक आरोपित का भतीजा लगता था। दोनो ग्राम बैनोली में गंगा सिंह की गौशाला में रह कर क्षेत्र में दिहाडी मजदूरी कर रहे थे। 29 अप्रैल की शाम के समय मनबहादुर की ओर से अत्यधिक शराब पीने के पश्चात खाना खाते समय आरोपित भक्त बहादुर के साथ बिना कारण के गालीगलौच और मारपीट की गयी। जिसके बाद आरोपित ने मनबहादुर को जान से मारने की ठान ली। इसके लिये उसने कमरे मे लकडी की फन्टी अपने पास बिस्तर पर रख दी थी जब रात को मनबहादुर आया तो उसने अभियुक्त को चाचा कहकर दरवाजा खोलने को कहा तो आरोपित ने दरवाजा खोला तो मनबहादुर ने उसके साथ फिर मारपीट करने लगा तथा जिसपर क्रोधित होकर अभियुक्त ने अपने पास रखी लकडी की फन्टी मनबहादुर के सिर पर वार किया।  जिससे उसके सिर पर खून आने लगा तथा उसने मौके पर ही दम तोड दिया। फिर उसके बाद अभियुक्त मौके से फरार हो गया तथा रात मे ही सुना गांव से होते हुये पैदल-पैदल कुलसारी गया। अगले दिन 30 अप्रैल को आरोपित गाडी में बैठकर हरिद्वार चला गया था। हरिद्वार से नेपाल जाने की फिराक में था इसलिये रूपैडिया चला गया। वहां मनबहादुर के परिवार के डर से नेपाल न जाकर वापस आया तथा अपने भाई और रिश्तेदार से सहायता मांगने के लिए कुराड गांव जा रहा था कि रास्ते से पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

 

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