संतोष नेगी
पोखरी (चमोली)। जब आप मन में कुछ करने की ठान लें तो कोई भी राह मुश्किल नहीं होती। जहां युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं वहीं चमोली जिले के पोखरी विकास खंड के हापला घाटी के गुडम गांव के सुदान सिंह ने मौन पालन को रोजगार का जरिया बनाकर अपनी आजीविका को मजबूत किया है।
गुमड़ गांव निवासी सुदान सिंह ने अपने घर पर 70 से अधिक मौन पालन के बाॅक्से लगाकर उनसे शहद का उत्पादन कर रहे है। जिससे उन्हें हर माह अच्छी खासी आमदानी हो जाती है जिससे उनके परिवार की आर्थिकी भी मजबूत हुई है और रोजगार पाने के लिए उन्हें यहां वहां भी नहीं भटकना पड़ता है।
सुदान सिंह कहते है कि वे पिछले सात आठ साल से इस कार्य में लगें है। पहले पहल उन्हें मुश्किलों का सामना तो करना पड़ा लेकिन अब उनका यह कार्य पटरी पर आ गया है। पहले उन्होंने छोटे स्तर से इस कार्य को शुरू किया और बाद में इसके लिए प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना से पांच लाख का ऋण लेकर मौन पालन के लिए एक भवन निर्माण किया जहां पर वर्तमान समय में 70 से अधिक बाक्स लगाये गये है। जिनके जरिये मौन पालन कर शहर का उत्पादन कर रहे है। उन्होंने बताया कि उन्होंने गांव के कुछ युवाओं और महिलाओं को भी इससे जोड़कर उन्हें इसका प्रशिक्षण दिया है। वे कहते है कि पहाड़ में खेती करना आसान नहीं है। यहां पर जंगली जानवर उनकी खेती के लिए सबसे बड़ा संकट है। यहां पर मौन पालन स्वरोजगार का सबसे बड़ा साधन बन सकता है इसमें छोटे किसान व भूमिहीन व्यक्ति भी इस व्यवसाय को सरलता पूर्वक अपना सकते हैं। यहां पहाड़ के लिए एक संसाधन के रूप में संजीवनी बन सकता है। उन्होंने युवाओं को इस दिशा में आगे आने की अपील की है।

