गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में हो रही भारी वर्षा के कारण बुधवार की देर रात्रि को गोपेश्वर-घिंघराण मोटर मार्ग पर एक पेड़ के गिर जाने के कारण बिजली की तारे टूट गयी जिससे जिला मुख्यालय के एक क्षेत्र में 12 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। विद्युत विभाग और फायर सर्विस की ओर भारी मसकत के बाद सांय चार बजे के आसपास विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से चमोली जिले में देर रात्रि के बाद भारी गर्जना के साथ मुसलाधार वर्षा हो रही है। बुधवार की रात्रि को भी तेज बारीश के चलते गोपेश्वर-घिंघराण मोटर मार्ग पर एक पेड़ बिजली के तारों के उपर गिर गया जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। साथ ही वाहनों की आवाजाही भी इस मार्ग पंर बंद रही। सुबह फायर सर्विस की ओर से पेड़ काटने के बाद वाहनों की आवाजाही तो सुचारू कर दी गई लेकिन विद्युत आपूर्ति बहाल करने में विद्युत विभाग को भारी मसकत करनी पड़ी। विद्युत विभाग ने नगर पालिका के सहयोग से सांय चार बजे बाद किसी तरह अनिल तोपाल, मनोज, रघुनाथ सजवाण, सुरेंद्र नेगी, पवन खत्री ने लाइन को जोड़कर विद्युत आपूर्ति बहाल की। विद्युत विभाग के कर्मियों का कहना है कि इस मार्ग पर सड़के के उपरी क्षेत्र में काफी मात्रा में पेड़ है जो विद्युत लाइन के उपर से गुजर रहे है। जिसकी लाॅपिंग किये जाने की आवश्यकता है। वन विभाग को कई बार पेड़ों की लाॅपिंग करने के लिए कहा गया है लेकिन अभी तक इस पर कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में कभी भी कोई पेड़ फिर से विद्युत तारों को क्षति पहुंचा सकता है। उन्होंने वन विभाग से यथा शीघ्र विद्युत तारों के उपर से गुजरने वाले पेड़ों की लाॅपिंग किये जाने की मांग की है।

