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गोपेश्वर (चमोली)। डेढ़ साल से चमोली जिले में मनरेगा कार्य के लिए क्रय की गई सामग्री का भुगतान नहीं हो पाया, ऐसे में व्यापारी प्रधानों को मनरेगा कार्य में लगने वाली सामग्री को उपलब्ध नहीं करवा पा रहे जिससे प्रधानों में रोष व्याप्त है। सोमवार को दशोली ब्लाॅक के प्रधान संगठन ने मुख्य विकास अधिकारी चमोली के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर अविलंब मनरेगा सामग्री के भुगतान किये जाने के साथ ही अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की है। 

प्रधान संगठन के अध्यक्ष नयन सिंह पंवार का कहना है कि डेढ़ साल से ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा कार्यों में सामग्री भुगतान नहीं होने से ग्राम पंचायतों बुरी तरह से प्रभावित हो रहे है। जिस कारण से स्थायी निर्माण कार्य जिसमें नहर, पेयजल टैंक, सुरक्षा दीवार, सीसी मार्ग और पक्के निर्माण कार्य नहीं हो पा रहें है। उनका यह भी  कहना है कि पूर्व में सीएम की ओर से प्रधानों को साढे तीन हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय की घोषणा भी की गई थी लेकिन वर्तमान तक उस पर न तो उसका लाभ मिला है और न ही कोई शासनादेश जारी हुआ है। 

उनका यह भी कहना है कि पिछले पंचायत चुनाव में दो बच्चों वाले अधिनियम के के चलते केवल ग्राम प्रधानों और वार्ड मेम्बर पर ही लागू हुआ है जबकि क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में यह लागू नहीं किया गया है। जो सरासर गलत है। उन्होंने सीएम से यह भी मांग की है कि जिले के सभी विकास खंडों में स्थायी खंड विकास अधिकारियों को तैनाती की जाए ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्यापकों की तैनाती की जाए।

उनका यह भी कहना है कि एक 11 अप्रैल तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तो प्रधान संगठन को आमरण अनशन के लिए विवश होना पड़ेगा। ज्ञापन देने वालों में बंदना देवी, दीपा देवी, दिलबर सिंह भंडारी आदि शामिल थे।

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