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गोपेश्वर (चमोली)। विश्व श्रवण दिवस पर गुरूवार को चमोली जिले के घिंघराण में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें बहरे पन और श्रवण हानि को रोकने और कान और सुनने की देख भाल को बढ़ावा देने के बारे में जानकारी दी गई। शिविर में 28 लोगों के कान का परीक्षण किया गया।

शिविर का उद्घाटन करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एनएचएम डा. एमएस खाती ने जनमानस को सुरक्षित श्रवण के माध्यम से श्रवण हानि के रोकथाम के महत्व पर जानकारी दी। शिविर में ईएनटी सर्जन डा. शिखा भट्ट ने प्राथमिक कर्ण एवं श्रवण सुरक्षा एवं बहरे पन के कारण के बारे में बताया कि कान के संक्रमण होने का मुख्य कारण मवाद आना, कान का दर्द, कान में मैल, दुर्घटनाओं के दौरान सिर या कान में चोट लगना, बचपन की बीमारियों के दौरान खसरा, अत्यधिक शोर के कारण, दवाईया जो श्रवण शक्ति को कम करती है। इसलिए कान मे कभी भी नुकीली वस्तु नहीं डालना चाहिए, बच्चे या वयस्को के कान पर नहीं मारना चाहिए, कानों को तेज शोर बचायें, कानों मे गन्दा पानी नहीं आने दें। इन आदतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने हेतु लोगों को प्रेरित किया। शिविर में ईएनटी सर्जन ने 28 लोगो का नाक कान गला से संबंधित रोगो का परिक्षण किया गया। कार्यक्रम में महेश देवराड़ी जिला वैक्सीन कोल्ड चैन प्रबन्धक, ने नियमित टीकाकरण एवं कोविड-19 टीकाकरण के बारे मेे जानकारी दी। कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा वीपी सिंह, विपिन कुमार, एएनएम विमला सलूजा, सीएचओ निकिता, उदय सिंह रावत आदि ने प्रतिभाग किया।

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