खबर को सुनें

गोपेश्वर (चमोली)। 15 वर्ष पूर्व स्वीकृत सैंजी लगा मैकोट-डुमक-कलगोठ मोटर मार्ग का अब ग्रामीणों से बिना वार्ता के समरेखण बदले जाने का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए इसमें बड़े घोटाले होने का अंदेशा जताते हुए अविलंब मोटर मार्ग निर्माण कार्य शुरू न करने पर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को क्षेत्र के ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह सनवाल, बहादूर सिंह, मोहन सिंह, रविंद्र सिंह नेगी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वर्ष 2007-08 में सैंजी लगा मैकोट-डुमक-कलगोठ 33 किमी सड़क मार्ग स्वीकृत हुआ था जिसकी कुल लागत 11 करोड़ 20 लाख 33 हजार रखी गई थी। लेकिन ठेकेदार ने नौ किलोमीटर कार्य करने के बाद बीच में ही काम को छोड़ दिया। जिसके बाद 2015 में पीएमजीएसवाई की ओर से 15 करोड़ 85 लाख में दूसरी कंपनी को इसका ठेका दे दिया गया। इस बार इस सड़क की प्रतिकिलोमीटर लागत 67.68 लाख रखी गई थी। कपंनी ने मात्र आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण किया और विभाग की ओर से कंपनी को 14 किलोमीटर सड़क निर्माण का भुगतान नौ करोड़ से अधिक की धनराशि का कर दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अब विभाग अपने इस घोटाले को दबाने के लिए डुमक गांव से चार किलोमीटर पहले ही सड़क का चुपके के समरेखण में बदलाव कर दिया गया है। इससे डुमक गांव को सड़क से वंचित रखने का प्रयास करने के साथ ही सरकारी धन की जो बंदरबांट की गई है उसे छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि ग्रामीणों की ओर से कई बार इस सड़क के निर्माण कार्य की जांच की मांग की गई है जिस पर जिलाधिकारी ने एक जांच कमेटी भी गठित की परंतु वह जांच कमेटी स्यूण गांव से ही लौट गई और अब मई माह में दूबारा आने की बात कही जा रहे है। जिससे साफ जाहिर है कि विभाग ठेकेदार को इस बीच मौका दे रही है कि वह जल्दी से जल्दी सड़क का समरेखण बदल कर सड़क की कटिंग पूरी कर ले। उनका कहना है कि यदि बदरीनाथ यात्रा से जांच कमेटी निरीक्षण नहीं करती है और पूर्व सर्वेक्षण के आधार पर ही सड़क का निर्माण कार्य नहीं किया जाता है तो ग्रामीणों को मजबूरन हाईवे पर जाम लगाना पड़ेगा और धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ेगा। इस मौके पर, यशवंत सिंह, रामकिशोर सिंह, ज्ञान सिंह, मनीष आदि मौजूद थे।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *