गोपेश्वर (चमोली)। जिला सहकारी बैंक चमोली के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सरकार की ओर से एमपैक्स एक मुश्त समाधान योजना निकाली गई है जिसके तहत बैंक से ऋण लेने के बाद यदि किसी काश्तकार की मृत्यु हो गई है अब उसके परिजनों और गांरटर योजना के तहत एक ब्याज को माफ करते हुए मुश्त मूलधन जमा करना होगा। ताकि परिजनों को भी लाभ मिल सके और जिसने बैंक गारंटी दी है उसे भी इससे छुटकारा मिल सके।
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ने बताया कि सरकार की ओर से संचालित योजना 30 सितम्बर तक प्रभावी रहेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ऐसे काश्तकारों की संख्या 3576 है। जिसमें चमोली में 2507 ओर रूद्रप्रयाग जिले में 1069 है। इन पर बैंक का चार करोड़ 53 लाख 74 हजार का ऋण और इस पर चार करोड 20 लाख 71 हजार का ऋण बकाया है। जो कुल मिलाकर आठ करोड़ 74 लाख 45 हजार की धनराशि है जो बैंक पर समितियों का बकाया है। यदि मूल धन की राशि वापस मिल जाती है तो व्याज की राशि का 60 फीसदी बैंक तथा 40 फीसदी समितियों को अपने लाभांश से चुकाना पडेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए चमोली और रूद्रप्रयाग से तीन सौं से अधिक सहमति पत्र प्राप्त हो चुके है। और जल्द ही अन्य मृतक काश्तकारों के परिजनों से भी सहमति ली जा रही है। उन्होंने बताया कि ऋण जमा न होने से परिजन और गारंटर दोनों की बैंक की सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे है। ऐसे में यदि इस योजना के तहत लोग अपने ऋण को जमा कर देते है तो उन्हें काफी सहुलियत मिलेगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बैंक की ओर से किसानों के लिए बिना व्याज का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है जिसका लाभ काश्तकार उठा रहे है। इस मौके पर बैंक के सचिव महाप्रबंधक सौ सिंह, जिला सहायक निबंधक सुरेंद्र कुमार टम्टा आदि मौजूद थे।

