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गोपेश्वर (चमोली)। ट्रेड यूनियन के आह्वान पर चमोली जिले में भी जुलूस प्रदर्शन कर विभिन्न समस्याओं के निस्तारण पर जोर दिया गया। सीटू, किसान सभा, आंगनवाडी वर्कर तथा भोजन माताओं ने बस स्टेशन से कलेक्ट्रेट परिसर तक जोरदार जुलूस निकाल कर केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी  और प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट में जुलूस प्रदर्शन सभा में तब्दील हुआ। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि चार लेबर कोड वापस लिए जाने चाहिए। उन्होनें जीरामजी कानून को भी मजदूर विरोधी बताते हुए मनरेगा की वापसी पर जोर दिया। बीज बिल को वापस लेने और बिजली संशोधन बिल की वापसी पर भी वक्ताओं ने तत्काल कदम उठाने पर बल दिया। कहा कि लेबर कोड के चलते अब यूनियन अस्तित्व में नहीं आ सकती। कहा कि कोड में आठ घंटे बाद अतिरिक्त वेतन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उनका कहना था कि यदि कोई कंपनी एक साथ तीन सौ लोगों को सेवा से बाहर निकालती है तो उन पर कानून लागू नहीं होता। उन्होंने इस तरह की नीतियों को श्रमिक विरोधी बताते हुए इन कानूनों की वापसी न होने पर आंदोलन का विगुल फूंकने का एलान किया।

इस दौरान सीटू के प्रांतीय कोषाध्यक्ष मनमोहन रौतेला, आंगनवाडी वर्कर यूनियन की अध्यक्ष भारती राणा, भोजन माता यूनियन की अध्यक्ष विजया डंगवाल, किसान सभा के अध्यक्ष बस्ती लाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष मोहन रावत, जिला मंत्री कमलेश गौड़, भवान सिंह बिष्ट, गंगा राम, दलीप राम, गजे सिंह बिष्ट, गीता बिष्ट आदि ने विचार व्यक्त किए। इसके राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी आरके पांडेय को सौंपा गया। इसमें राष्ट्रपति से सभी मांगों को मनवाने के लिए केंद्र सरकार को दिशा निर्देश देने की गुहार लगाई गई है।

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