खबर को सुनें

साक्ष्य सहित सूचित करने वाले को दिया जाएगा दस हजार का नगद इनाम

गोपेश्वर (चमोली)। वनाग्नि की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना ने शनिवार को जिला कार्यालय सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक ली। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटनाएं न हो इसके लिए अधिकारी नियमित रूप से गश्त करते रहें और आग लगाने वालों की प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आग लगाने वाले के संबंध में साक्ष्य सहित सूचित करने वाले को 10 हजार की धनराशि दी जायेगी तथा उसका नाम भी गुप्त रखा जायेगा।

जिलाधिकारी ने राजस्व प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग को निर्देशित किया कि आग लगने की घटनाओं की सूचना प्राप्त होते ही समन्वय बनाकर कार्य करें। सभी पटवारी कानूनगों को ऐसी घटनाओं की जानकारी तत्परता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ताकि शरारती तत्वों पर कार्रवाई की जा सके, वहीं वन विभाग के अधिकारियों को कहा कि अपने स्तर से उस क्षेत्र के अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगे कि घटना क्यों हुई या कहां से शुरू हुई। अधिकारी की जबाबदेही तय करने के साथ डेली मानीटरिंग करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में आग लगने की घटनाएं नहीं होती या वनाग्नि रोकने में जो लोग सहयोग करते हैं उन्हें भी पुरस्कृत करें।

डीएफओ बदरीनाथ सर्वेश कुमार दुबे ने वन विभाग की ओर की गई तैयारियों के बारे में जानकारी दी और बताया कि जिले में अब तक 110 वनाग्नि की घटनाएं हुई हैं जिसमें 130 हैक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है लगभग छह लाख की क्षति हो चुकी है।  बैठक में बताया गया कि आपदा, फायर तथा वन विभाग की संयुक्त टीमें भी गांव-गांव जाकर लोगों को वनाग्नि के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। बैठक में बदरीनाथ डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे, डीएफओ केदारनाथ आईएस नेगी, डीएफओ नन्दादेवी एनवी शर्मा, एसपी श्वेता चैबे, एसडीएम अभिषेक त्रिपाठी, एनके जोशी, बलवन्त सिंह आदि मौजूद थे।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

By admin

error: Content is protected !!