देवाल (चमोली)। सिद्धपीठ कुरड से नौ सितम्बर से लोकजात यात्रा शुरू हो गई है। यात्रा धीरे-धीरे कैलाश को ओर अग्रसर हो रही है। नंदा लोकजात यात्रा का 22 सितम्बर को 13500 फीट की ऊंचाई वेदनीकुंड मेंनदा सप्तमी को विधि-विधान से संपन्न होगी। 29 सितम्बर को अपने ननिहाल देवरिया में नंदा देवी का डोली छः माह के लिए प्रवास करेगी। मां नंदा का डोली छह माह करूड और छह माह देवराडा में प्रवास करता है।
यात्रा के स्वागत के लिए हर गांव में धार्मिक अनुष्ठान की व्यापक तैयारियां चल रही है। बेराधार गांव में 13 से 17 सितम्बर तक आठू पूजन, वाण गांव में तीन दिवसीय सैलपाति, इसके अलावा सभी गांव में भूमियाल, देवी जागरण कार्यक्रम होंगे। वाण गांव के नंदा देवी भक्त हीरा सिंह पहाड़ी ने बताया है कि यह यात्रा शुद्ध रूप से पैदल और धार्मिक है। मां नंदा देवी की डोली को ग्रामीणों बड़े श्रद्धाभाव से एक गांव से दूसरे गांव पहुंचाते हैं। घर गांव में मां नंदा की डोली का पंचस्वरो के साथ भव्य स्वागत के लोग तत्पर रहते हैं। गांव गांव में यात्रा की तैयारियां में ग्रामीण जुटे हैं।

