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गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के पोखरी विकास खंड को जिला मुख्यालय गोपेश्वर से जोड़ने वाले गोपेश्वर-पोखरी सड़क पर आवाजाही के लिये बछेर और हापला घाटी के 24 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को नवम्बर के अंत तक इतजार करना होगा। हालांकि यहां लोनिवि की ओर से सड़क के क्षतिग्रस्त होने के 21 दिनों बाद सुधारीकरण कार्य शुरु कर दिया गया है। लेकिन चट्टनी हिस्सा होने के चलते यहां सड़क को सुचारु करने में लोनिवि के अधिकारियों के अनुसार एक माह का समय लगेगा।

बता दें, कि बीती 18 अक्तूबर को हुई बारिश के दौराना पोखरी ब्लॉक के साथ ही हापला और बछेर क्षेत्र के गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली गोपेश्वर-पोखरी सड़क सिंणजी गांव के समीप पुस्ता क्षतिग्रस्त होने से बाधित हो गई थी। लेकिन लोनिवि की ओर से आपादा पुनर्निर्माण के लिये निदेशालय से स्वीकृति के बाद सुधारीकरण के नये नियम का हवाला देते हुए 21 दिनों बाद यहां सड़क सुधारीकरण कार्य शुरु किया गया है। जिससे यहां क्षेत्र के ग्रामीणों को आवाजाही के लिये मीलों की अतिरिक्त दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है। जिससे ग्रामीणों को समय के साथ ही आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी मनोज कुमार और गणेश मैठाणी का कहना है कि सड़क के बाधित होने से ग्रामीण 50 रुपये के स्थान पर दो सौ रुपये खर्च कर गोपेश्वर पहुंच रहे हैं। जिससे क्षेत्र के दूध व्यवसायियों और प्रतिदिन जिला मुख्यालय पर कार्य करने जाने वाले ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 

गोपेश्वर-पोखरी सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से का सुधारीकरण कार्य शुरु करवा दिया गया है। नवम्बर के अंतिम सप्ताह तक यहां सड़क को सुचारु कर लिया जाएगा। यहां चट्टानी हिस्सा होने के चलते निर्माण कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।

रवि वासव, सहायक अभियंता लोनिवि, गोपेश्वर-चमोली।

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