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गोपेश्वर (चमोली)। हिंदुओं के प्रसिद्ध धाम श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसके तहत पंच पूजाओं के साथ शुक्रवार को भगवान गणेश मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। श्री बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की  प्रक्रिया के अंतर्गत पंचपूजाएं शुक्रवार से प्रारंभ हो गई है। परंपरा के अनुसार पहले दिन विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री गणेश मंदिर के कपाट विधिवत रूप से बंद कर दिए गए। इससे पहले सुबह श्री गणेश जी की मूर्ति को उनके परिसर स्थित मंदिर से श्री बदरीनाथ मंदिर के गर्भ गृह में दर्शनार्थ रखा गया। सांय पांच बजे श्री गणेश मंदिर कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गये।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने हेतु  बीकेटीसी की ओर तैयारियां चल रही है।पंच पूजा  प्रक्रिया के अनुसार रावल अंबरनाथ नंबूदरी सहित धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट एवं अमित बंदोलिया ने पूजा-अर्चना संपन्न की।इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती तथा बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारीध् कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल सहित प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान,प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट आदि मौजूद रहे।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी  डा. हरीश गौड़ ने बताया कि पंच पूजा के दूसरे दिन शनिवार को श्री आदि केदारेश्वर तथा श्री आदिगुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे। तीसरे दिन रविवार को वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो जायेगा जबकि चौथे दिन  24 नवंबर को माता लक्ष्मी जी को आमंत्रण तथा 25 नवंबर  अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

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