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गोपेश्वर (चमोली)। नंदा राजजात की मुहूर्त के लिए छिमटा गांव से चली छंतोली नौटी गांव पहुंच गई है। इस दौरान ग्रामीणों ने छंतोली की पुष्पवर्षा से आगवानी की। दरअसल नंदादेवी राजजात में चलने वाली छंतोली छिमटा के राजशिल्पियों द्वारा बनाई जाती है। इसके तहत राजशिल्पी छंतोली लेकर सबसे पहले आदिबद्री पहुंचे। आदिबद्री में विनोद शाह ने छंतोली का श्रृंगार किया। छंतोली के श्रृंगार के बाद पूजा अर्चना को छंतोली आदिबद्री मंदिर में रखी गई। अनुष्ठान के पश्चात छंतोली को कांसुवा के राजकुंवरों के सुपुर्द किया गया। राजकुंवर बुधवार को छंतोली लेकर कांसुवा गांव पहुंचे। कांसुवा में गुरूवार को पूजा अर्चना के बाद छंतोली राजगुरूओं के गांव नौटी पहुंची। नौटी पहुंचने क्षेत्रीय ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा के जरिए छंतोली की जोरदार आगवानी की। छंतोली को नौटी के मंदिर में रख दिया गया है।

श्री नंदादेवी राजजात समिति के महामंत्री भुवन नौटियाल ने बताया कि बसंत पंचमी को सुबह नंदादेवी मंदिर में पूजा अर्चना की जाएगी। बताया कि मनौती की पूजा 11 से एक बजे तक चलेगी। इसके बाद आगामी 2027 में होने वाली राजजात के लिए मुहूर्त के लिए अनुष्ठान किया जाएगा और पंचांग गणना के पश्चात अगले साल के मुहूर्त की घोषणा के पश्चात छंतोली को शैलेश्वर के शिवालय में रखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कांसुवा में गुरूवार को हुए कार्यक्रम में 14 थोकी ब्राह्मण तथा 12 सयाने मौजूद रहे। सभी ने राजजात यात्रा अगले साल निकालने के मुहूर्त पर हामी भरी। कहा कि पंचांग के अनुसार इस साल मलमास के चलते राजजात यात्रा संभव नहीं है। उन्होंने समिति की घोषणा को ज्योतिषीय गणना के आधार पर सर्वधा उचित बताया। उन्होंने बताया कि कांसुवा में आयोजित कार्यक्रम में नौटी से लेकर वाण तक के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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By admin

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