गोपेश्वर (चमोली)। राजकीय शिक्षक संघ दशोली की बैठक में माध्यमिक शिक्षकों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल शुरू करने समेत शिक्षकों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में शिक्षकों ने मांग की कि राजकीय माध्यमिक शिक्षकों के सभी स्तरों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को अविलंब शुरू किया जाए। शिक्षकों का कहना था कि पदोन्नति प्रक्रिया लंबे समय से लंबित होने के कारण शिक्षकों को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की। माध्यमिक शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के विभागीय निर्णय का भी कड़ा विरोध किया गया। शिक्षक संघ ने कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति निर्धारित शैक्षिक एवं प्रशिक्षण योग्यताओं के आधार पर पूर्व में हो चुकी है, उन पर बाद में टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न्यायसंगत नहीं है। संघ ने विभाग और शासन से इस मामले में न्यायोचित निर्णय लेने की मांग की।
बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि टीईटी की अनिवार्यता के मामले में विभाग और शासन की ओर से शीघ्र सकारात्मक एवं न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई तो राजकीय शिक्षक संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा। शिक्षकों ने कहा कि उनके हितों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने लंबित पदोन्नतियों को शुरू कराने और टीईटी अनिवार्यता के निर्णय को लेकर एकजुट होकर संघर्ष करने का निर्णय लिया। इस दौरान धर्म सिंह चैहान, रेखा नेगी, विक्रम सिंह, दीवान सिंह नेगी, हरेंद्र रावत, सुनीता बिष्ट आदि मौजूद रहे।
