गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क बहाल करने पर जोर दिया है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम तिवारी ने अधिकारियों को तत्काल अवरूद्ध सड़कों को सुचारू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों को सुचारू करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने सड़क सुधारीकरण की प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन समय से उपलब्ध कराने को भी कहा। वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक में डीएम ने नंदानगर और थराली के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों, बाधित सड़कों और प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यन्न की वर्तमान स्थित की जानकारी ली। लोनिवि, पीएमजीएसवाई और ब्रिडकुल के अधिकारियों को बाधित सड़कों के सुधारीकरण कार्य में तेजी लाने पर जोर देते हुए उनका कहना था कि हर दिन की रिपोर्ट अधिकारियों को उपलब्ध करानी होगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी तिवारी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति की जानकारी लेते हुए पूर्ति विभाग की कार्य प्रणाली पर नारजगी व्यक्त करते हुए सभी गांवों में शीघ्र अक्तूबर माह का खाद्यान्न पहुंचाने के निर्देश दिए। जिला पूर्ति अधिकारी को सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था कर खाद्यान्न आपूर्ति समय से करने को कहा गया। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने अपने क्षेत्र में खाद्यान्न आपूर्ति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने बताया कि वर्तमान में जनपद की पडेर गांव-पेरी, पीपलकोटी-सल्ला रैतोली, निजमुला-गौणा-पाणा, रानौं-क्वींठी, कनकचौरी-रौता और धुर्मा-कुंडी सड़कों का सुधारीकरण कार्य किया जा रहा है। शेष बाधित सड़कों को सुचारु कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य सड़कों को भी शीघ्र खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस दौरान जोशीमठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ, चमोली के तहसीलदार दीप्ति शिखा, नंदानगर के राकेश देवली, अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाड़ी, सचिन कुमार, नरेश कुमार समेत अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुडे रहे।

