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देवाल (चमोली)। चमोली जिले के विकास खंड देवाल क्षेत्र में बहनें वाली सदाबहार नदियां अपने निर्मल और शुद्ध पानी के लिए प्रसिद्ध है।  जुलाई माह से पिंडर नदी का पानी मिट्टी और गादयूक्त  आ रहा है। जिससे जलीय जीवों के जीवन पर संकट बना है।

जानकारी मिल रही है कि जनपद चमोली और बागेश्वर की सीमा पर बसा गांव कुंवारी में पिछले वर्ष से भूस्खलन हो रहा है और भूस्खलन का मलवा शम्भू नदी में आ रहा और आगे चल कर इसका पानी पिंडर नदी में मिल रहा है जिस कारण पिंडर नदी मटमैली होती जा रही है। बीते वर्ष भी नदी अक्टूबर माह में साफ हुई थी। इस वर्ष भी यह सिलसिला जारी है। बताया जा रहा है कि कुंवारी गांव को प्रशासन ने अन्य जगह बसा दिया है। कुंवारी गांव में हो रहे भूस्खलन से पिंडर मैली हो गई है। वर्तमान में कुंवरगढ से कर्णप्रयाग तक पिंडर मैली नजर आ रही है।

इधर, बागेश्वर के डीएफओ हिमांशु बागड़ी ने बताया है कि कुंवारी गांव  के पास एक बड़े  भू भाग में भूस्खलन जोन बना है। मलवा और गंदा पानी पिंडर में जा रहा है। जलीय जीवों पर असर तो पड़ रहा है। लेकिन यह एक प्राकृतिक घटना है  जब बारिश थम जाएगी नदी साफ हो जाएगी।

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By admin

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