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गोपेश्वर (चमोली)। आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग चमोली के तत्वाधान में शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर गोपेश्वर के बच्चों को मेडिसिनल प्लांट के बीजयुक्त राखियां वितरित की गई।

जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. श्रवण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस बार रक्षा बंधन के पर्व के लिए इस बार राजकीय तथा अशासकीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को औषधीय पादपों के बीजयुक्त राखियां बांटी गई है। उन्होंने कहा कि राखियां विशेष प्रकार की  बायोडिग्रेडेबल सामाग्री से निर्मित की गई है। इनमें विभिन्न प्रकार के औषधि के बीज समाहित किए गए हैं। इस तरह की जैव अवसादी राखियां पारंपरिक राखियों के विकल्प के रूप में विकसित की गई है। त्योहार निपटने के बाद भी राखियां उपयोगी साबित होंगी।

डा. त्रिपाठी ने इसके वैज्ञानिक दृष्टिकोण का खुलासा करते हुए बताया कि बीजयुक्त राखियों को  मिट्टी में बोने पर कुछ ही दिनों में अंकुर फूटते हैं और पौधा उगना शुरू हो जाता है। इसके माध्यम से पर्यावरणीय अपशिष्ट को कम किया जा सकता है।सामान्य राखियां अक्सर प्लास्टिक आधारित होती हैं और त्योहार के बाद कूड़े में जाकर पर्यावरण को प्रदूषित करती है। सीड राखियां पर्यावरण संरक्षण में मददगार बनती है। बताया कि राखी बांटने का यह कार्यक्रम आगे भी चलता रहेगा। प्रत्येक बालिका को राखी के साथ एक गमला या पौधा रोपण हेतु सामग्री दी जाएगी। जिससे वह राखी को बोकर उसका पालन-पोषण कर सके। बालिकाओं को पर्यावरण संरक्षण, पौधों की उपयोगिता, औषधीय पौधों के गुण, एवं आयुष जीवनशैली के महत्व के बारे में बताया जाएगा। सरस्वती शिशु मंदिर गोपेश्वर के प्रधानचार्य सुरेंद्र सिंह रावत ने इस तरह की पहल की सराहना की है।  जिला कार्यक्रम प्रबंधक (राष्ट्रीय आयुष मिशन) अर्जुन नेगी एवं विद्यालय के छात्र-छात्राएं राखी वितरण कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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By admin

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