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जोशीमठ (चमोली)। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति ने शनिवार को उपजिलाधिकारी जोशीमठ के माध्यम से एक ज्ञापन सड़क परिवहन एंव राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री केंद्र सरकार को भेजकर मांग की है कि तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के लिए जोशीमठ, औली और बदरीनाथ के लिए वैकल्पिक सड़क मार्ग खोजे जाने की आवश्यकता है। ताकि एक ही सड़क और स्थान पर दबाव और जाम की स्थिति से निपटा जा सके।

संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, प्रवक्ता कमल रतूडी और नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार का कहना है कि फूलों की घाटी, औली और बदरीनाथ धाम के लिए हर वर्ष हजारों की संख्या में तीर्थ यात्री और पर्यटक आते है। ऐसे में एक ही मार्ग होने के चलते काफी दबाव रहता है तथा यात्रियों और पर्यटकों को जाम से भी जुझना पड़ता है ऐसे में इन स्थानों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक सड़क मार्ग खोजे जाते है तो इन मार्गों से जुड़ने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा और अधिक संख्या में पर्यटक और तीर्थ यात्री यहां पहुंच सकते है।

उन्होंने कहा कि इन वैकल्पिक मार्गों में ग्वालदम से औली, जोशीमठ भूधंसाव की समस्या को देखते हुए गोपेश्वर-घिघंराण-मारवाडी मोटर मार्ग, नंदप्रयाग-क्वारी पास-औली होते हुए जोशीमठ का मार्ग भी इस दिशा में विकल्प हो सकता है। यदि इन मार्गों का निर्माण होता है तो पर्यटक, तीर्थ यात्रियों के बढ़ने के साथ ही स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध हो सकता है। उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री से इन मार्गों के बारे में सकारात्मक निर्णय लिये जाने की मांग की है।

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