गोपेश्वर (चमोली)। एक लंबी इंतजारी के बाद अब उत्तराखंड सहकारिता चुनावों का विगुल बज गया है। इसके चलते अगले माह सहकारिता चुनाव को लेकर घमासान के आसार बढ़ गए हैं। चमोली जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर गजेंद्र रावत तथा भेषज सहकारी संघ के अध्यक्ष पद पर सतेंद्र असवाल का रिपीट होना तय माना जा रहा है।
बताते चलें कि राज्य में सहकारिता चुनाव पिछले ढाई साल से लटके पड़े थे। इसके चलते सहकारी संस्थान प्रशासकों के हवाले चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट से लेकर अन्य संस्थानों तक चुनाव का मामला लटका रहा। हालांकि प्रारंभिक सहकारी समितियों के चुनाव भी कुछ हद तक निपट गए थे किंतु बीच में समितियों के चुनाव भी लटक गए। अब दो जून से सहकारी संस्थाओं के चुनाव होने जा रहे हैं। इसके लिए अब तैयारियां भी जोर पकड़ने लगी है। सरकारी स्तर पर चुनाव कराने के लिए तैयारियां अंतिम दौर में चल रही है तो सहकारिता चुनाव को लेकर दावेदारों ने भी कमरकश ली है। अब माना जा रहा है कि देर से सही किंतु सहकारिता के चुनावों पर लगा कुहासा जल्द दूर हो जाएगा।
चमोली जिला सहकारी बैंक, जिला सहकारी विकास संघ (डीसीडीएफ), भेषज सहकारी संघ, चमोली जिला मोटर यातायात संघ, सीमांत सहकारी संघ समेत तमाम सहकारिता संस्थाओं के चुनाव होने हैं। इसके लिए तैयारियां अंतिम दौर में चल रही है। इन सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा निदेशक बनने के तमाम दावेदार अब सक्रिय हो गए हैं। इसके लिए वोटरों से सीधा संपर्क साधा जा रहा है। इस तरह 2 जून से शुरू होने जा रही चुनावी कवायद के लिए दावेदारों ने कमरकश ली है। चमोली जिला सहकारी बैंक तथा डीसीडीएफ और भेषज संघ के अध्यक्ष पदों पर आसीन होने के लिए जबरदस्त लाविंग चल रही है। पहली बार सरकार ने सहकारी संस्थाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। फिलहाल चमोली जिला सहकारी बैंक तथा भेषज संघ के अध्यक्ष की कुर्सी को सामान्य किया गया है। डीसीडीएफ की अध्यक्ष की कुर्सी महिला के लिए आरक्षित की गई है। चमोली जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर पहले गजेंद्र सिंह रावत आसीन रहे हैं। इस बार भी उनकी दावेदारी के चलते अध्यक्ष पद पर रिपीट होना तय माना जा रहा है। इसी तरह भेषज संघ के अध्यक्ष पद पर सतेंद्र असवाल का रिपीट होना भी तय समझा जा रहा है। डीसीडीएफ के अध्यक्ष पद पर महिला दावेदारों की दावेदारी होनी है। सीमांत सहकारी संघ समेत अन्य सहकारी संस्थाएं भी सामान्य की गई है। इस तरह अब सहकारिता चुनाव को लेकर घमासान के आसार बढ़ गए हैं। चमोली जिला सहकारी बैंक से ही राज्य सहकारी बैंक तथा अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि भेजे जाएंगे। इसी आधार पर राज्य की शीर्षस्थ संस्थाओं के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्षों की ताजपोशी होगी।
