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गोपेश्वर (चमोली)। सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली के सौजन्य से दूरस्थ क्षेत्र लोहाजंग में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर लगया गया। इस अवसर पर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक सुगमता से कानूनी सेवाओं को पहुंचाने पर जोर दिया गया। शिविर में लोहाजंग, वाण, कूलिंग, वाख, मुंदोली, सुया दुरा, धारकोट, ल्वाणी, कंदई, हरनी इत्यादि गांवों के नागरिकों ने प्रतिभाग किया गया। विधिक शिविर में मुख्य तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के अधिकारों एवं उनके कर्तव्य के बारे में बताते हुए विधिक सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सिविल जज (सीडि) सिमरनजीत कौर ने जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष रुप से महिलाओं की ओर से कानून से संबंधित अपने अधिकारों का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण घरेलू हिंसा के कई मामलों में महिलाओं को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। यौन उत्पीड़न के ऐसे कई मामले हैं, जिन्हें कभी भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत ही नहीं किया जाता है। पीड़ितों को न्याय न मिलने से अपराधियों के मनोबल में वृद्धि होती है। इन सबके समाधान के रूप में विधिक सेवा प्राधिकरण एक उचित माध्यम है। विधिक प्राधिकरण के लिए सभी क्षेत्र में प्राविधिक कार्यकर्ता काम कर रहे है। जरूरतमंद कोई भी व्यक्ति निःशुल्क विधिक सेवाओं का लाभ ले सकते है। शिविर में जनपद चमोली के बार संघ अध्यक्ष भरत सिंह रावत, अधिवक्ता गोपाल सिंह रावत, मदन मोहन मिश्रा, ललित मोहन मिश्रा, गीता बिष्ट, रेजा चैधरी आदि मौजूद थे।

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