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गोपेश्वर (चमोली)। भारत की कम्यूनिष्ट पार्टी माक्र्सवादी ने शनिवार को चमोली जिले के जोशीमठ विकास खंड के हेलंग में अपने मवेशियों के लिए चारापत्ति ले जाने वाली घसियारियों के साथ टीएचडीसी के कहने पर पुलिस और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा के जवानों की ओर से की गई अभ्रदता को लेकर जिलाधिकारी चमोली के कार्यालय परिसर में धरना देते हुए एक ज्ञापन उत्तराखंड के सीएम को भेजा है जिसमें घटना के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए महिलाओं के उपर दर्ज झूठे मुकदमे को वापस लिये जाने की मांग की है।

माकपा के जिला सचिव भूपाल सिंह रावत ने कहा कि हेलंग में घसियारियों के साथ जो घटना घटित हुई है उससे पूरा उत्तराखंड शर्मसार है। इस तरह की घटना से यहां के पहाड़वासियों को उनके जल, जंगल के हकहकुकों से वचिंत करने की साजिश की जा रही है। उनका आरोप है कि एक ओर राजस्व क्षेत्र में घटी कई घटनाओं की रिपोर्ट पुलिस दर्ज करने को तैयार नहीं है और इस घटना में पुलिस ने राजस्व क्षेत्र में पहुंच कर घसियारियों के साथ न सिर्फ अभ्रदता की बल्कि उन पर झूठे मुकदमें दर्ज कर घंटों तक थाने में बैठा कर रखा जो न्याय संगत नहीं है। उनका यह भी आरोप है कि जिला प्रशासन जल विद्युत निर्मात्री कंपनियों के साथ मिल कर ग्रामीणों को धमकाने का प्रयास कर रही है जो सरासर गलत है और इसका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक इस घटना के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। उनका यह भी कहना है कि कंपनियों के लिए स्वीकृत डंपिंग जोन में कंपनियों की ओर से कहीं भी मक्क नहीं डाला जा रहा है बल्कि उल्टा उसे सीधे नदियों में बहा दिया जा रहा है जिससे आपदा की संभावनाऐं भी बनी हुई है। इससे पूर्व में रैणी की आपदा और 2013 की आपदा इसका उदाहरण है। उन्होंने टीएचडीसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए महिलाओं पर दर्ज मुकदमें वापस लेने की मांग सीएम से की है। धरना देने वालों में भूपाल सिंह रावत,  मदन मिश्रा, सीमा  असवाल, लीला मिश्रा, ज्ञानेंद्र खंतवाल, गजेंद्र सिंह बिष्ट, गीता बिष्ट, सुमन, बस्ती लाल आदि शामिल थे।

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