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देहरादून। उत्तराखंड में आयुर्वेद डॉक्टर की फर्जी डिग्री के जरिए प्रैक्टिस कर रहे 36 झोलाछाप डॉक्टरों की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। इसके लिए एसएसपी देहरादून दलीप कुंवर ने एसपी क्राइम की देखरेख में 4 सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम में एसपी क्राइम के अलावा सीओ नेहरू कॉलोनी और थाना प्रभारी नेहरू कॉलोनी समेत मुकदमे से संबंधित विवेचक शामिल हैं।

विदित हो कि बीती 11 जनवरी को उत्तराखंड एसटीएफ ने डॉक्टरी की फर्जी डिग्री देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस मामले में एसटीएफ ने फर्जी डिग्री के आधार पर क्लीनिक खोलकर बैठे दो झोलाछाप डॉक्टर प्रीतम सिंह और मनीष को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा फर्जी डिग्री तैयार करने वाले मुजफ्फरनगर स्थित बाबा ग्रुप ऑफ कॉलेज ऑफ कॉलेज के चेयरमैन इमरान को भी गिरफ्तार किया गया था। एसटीएफ की मानें तो फर्जी डिग्री तैयार करने वाला इमरान मुजफ्फरनगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर भी है। जिसके पास से कई राज्यों की यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां, फर्जी मुहर और फर्जी पेपर समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए गए थे। इसके अलावा गिरोह ने करीब 200 से 250 बीएएमएस की फर्जी डिग्री तैयार की और लोगों से लाखों रुपए की वसूली की।

बताया जा रहा है कि फर्जी डिग्रियों से डॉक्टर बने लोगों ने भारतीय चिकित्सा परिषद में भी पंजीकरण कराया है। फिलहाल, एसटीएफ ने उत्तराखंड में अब तक ऐसे 36 फर्जी डिग्री धारक चिन्हित किए हैं। इस पूरे मामले में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।

देहरादून एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि इस मामले की विवेचना के लिए सीओ नेहरू कॉलोनी और थाना प्रभारी नेहरू कॉलोनी को शामिल कर टीम बनाई गई है। इसमें मुकदमे की विवेचना अधिकारी भी शामिल रहेंगे। जबकि, मामले की जांच की निगरानी एसपी क्राइम करेंगे।

 
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