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जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले के सीमावर्ती गांव लाता के नीचले हिस्से में लगातार हो रहे भूकटाव के कारण लाता गांव खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों के खेत, खलिहानों को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में सोमवार को उपजिलाधिकारी जोशीमठ के माध्यम से जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भेज कर भूकटाव को रोकने के लिए स्थायी ट्रीटमेंट करने की मांग की है।

ग्राम प्रधान सरिता देवी और सरपंच धर्मेंद्र राणा का कहना है कि पिछले दो साल से लाता गांव के नीचले हिस्से में खनन का कार्य किया जा रहा था। ग्रामीणों के विरोध के बाद खनन का कार्य तो बंद हो गया लेकिन इस खनन के कारण धौली गंगा से हो  रहे कटाव के चलते गांव को खतरा उत्पन्न हो गया है। यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया तो गांव को खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही गांव को बचाने के लिए इसका समाधान ढूंढा जाय अन्यथा ग्रामीणों को विधान सभा चुनाव के बहिष्कार को विवश होना पड़ेगा।

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