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-राज्य कमेटी की बैठक में विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन, लोकतंत्र और संविधान बचाने को बताया मुख्य मुद्दा

बिंदुखत्ता। भाकपा (माले) उत्तराखंड राज्य कमेटी की बैठक पार्टी कार्यालय दीपक बोस भवन, बिंदुखत्ता में संपन्न हुई। बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा करते हुए पार्टी ने प्राथमिक तौर पर राज्य की आठ विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।

बैठक के बाद जारी बयान में भाकपा (माले) ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के नाम पर गरीबों, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के मताधिकार पर खतरा उत्पन्न किया जा रहा है। बिहार और पश्चिम बंगाल के उदाहरणों का हवाला देते हुए पार्टी ने आशंका जताई कि उत्तराखंड में भी एसआईआर की आड़ में भाजपा विरोधी मतों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा सकता है।

पार्टी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का भी संघर्ष होगा। भाकपा (माले) तथा अन्य वामपंथी दल भाजपा की नीतियों के खिलाफ एकजुट हैं और विपक्षी दलों के साझा मंच ‘इंडिया गठबंधन’ से भी इस लड़ाई को मजबूती से लड़ने का आह्वान किया गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि पार्टी जिन आठ सीटों पर चुनावी तैयारी करेगी, वहां संगठन को मजबूत करने और जनपक्षधर ताकतों को साथ लाने का अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में भाकपा (माले) के पोलित ब्यूरो सदस्य संजय शर्मा, राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी, केके  बोरा, बहादुर सिंह जंगी, आनंद सिंह नेगी, गिरिजा पाठक, डॉ. कैलाश पाण्डेय, एडवोकेट कैलाश जोशी, विमला रौथाण, अतुल सती, एडवोकेट अमनदीप कौर, जोगेंद्र लाल और ललित मटियाली सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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