जन मुद्दों को लेकर सरकार को लिया निशाने पर
गोपेश्वर (चमोली)। भराड़ीसैण में चल रहे विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने विभिन्न जन मुद्दों को लेकर सरकार को बुरी तरह घेरा। इसके चलते दूसरे दिन भराड़ीसैण की सड़कों पर सरकार के खिलाफ महासंग्राम देखने को मिला।

दरअसल कांग्रेस ने गैरसैण स्थाई राजधानी, मंहगाई, बेरोजगार, अंकिता हत्याकांड, महिला सुरक्षा समेत तमाम मुद्दों को लेकर बजट सत्र के दूसरे दिन विधानसभा घेराव का कार्यक्रम निर्धारित किया था। इसके तहत मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व मंत्री डा. हरक सिंह रावत, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, पूर्व विधायक डा.जीत राम व रणजीत सिंह रावत समेत तमाम कांग्रेसी दिग्गज कार्यकर्ताओं संग विधानसभा घेराव को सड़क पर उतर आए। इसके तहत गढ़वाल की ओर से जंगलचट्टी तथा कुमाऊं की ओर से कालीमाटी से कांग्रेस कार्यकर्ता जुलूस प्रदर्शन की शक्ल में विधानसभा घेराव को निकल पड़े। घेराव कार्यक्रम के तहत दोनों ओर से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हुजुम दीवालीखाल पहुंचा। दीवालीखाल में पुलिस ने विधानसभा मार्ग पर चार बैरियर लगा रखे थे। दीवालीखाल में तो जब कांग्रेसी जमा हुए तो एक तरह से दीवालीखाल महासंग्राम का केंद्र बिंदू बन गया। इससे गढ़वाल तथा कुमाऊं की ओर से आ जा रहे वाहनों की आवाजाही भी ठप्प हो गई।
कांग्रेस कार्यकर्ता दीवालीखाल से आगे बढ़ने लगे थे कि पहले ही बैरियर को पार करने के लिए कार्यकर्ताओं को खासा पसीना बहाना पड़ा। इस सब के बीच कुछ कांग्रेसी तो बैरियर को फांद कर आगे बढ़ गए। पुलिस लगातार रोकने का प्रयास करती रहीं किंतु कांग्रेसियों के झुंड के चलते बैरियर टूट पड़ा और कांग्रेसी आगे बढ़कर दूसरे बैरियर से आगे निकलने की जद्दोजहद में जुट गए। बैरियर की ऊंचाई काफी अधिक होने के कारण कांग्रेस वर्करों के बैरियर को फांद कर आगे बढ़ने के प्रयास निरर्थक साबित हुए। इस तरह दूसरा बैरियर पुलिस और कांग्रेसियों के बीच संग्राम का केंद्र बिंदु बन गया। इस बैरियर फांद कर निकलने के प्रयास जब असफल हुए तो कांग्रेसी वहीं पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन करने लगे। यहां पर भी कई कांग्रेसियों ने कुर्सियों को जरिए बैरियर को पार करने की रणनीति बनाई किंतु इसमें भी सफलता नहीं मिल पाई। पुलिस ने कांग्रेसियों को आगे न बढ़ने देने के लिए वाटर कैनिंग के जरिए पानी की बौछार लगाई। यह कवायद भी कुछ देर तो थमी किंतु कांग्रेसी पीछे हटने को राजी नहीं हुए। लगातार पुलिस और कांग्रेस वर्करों के बीच खींचतान चलती रही। पुलिस अपने मिशन पर डटी रही और फिर कांग्रेस वर्करों पर पानी की बौछार पड़ने लगी। पुलिस ने बड़े बैरियर के चलते अपने मिशन में कामयाबी हासिल की। वैसे पुलिस को चकमा देकर गिने चुने कांग्रेसी विधानसभा परिसर के समीप निचले हिस्से तक पहुंच गए थे किंतु पुलिस ने उन्हें तत्काल ही वहां से बैरंग लौटा दिया।
इस दौरान चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मौके पर मौजूद रह कर कमान संभालते रहे। इसके अलावा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर स्थिति को नियंत्रण करने में जुटे रहे। कहा जा सकता है कि कांग्रेस ने तीन बैरियरों को पार तो किया किंतु इसके आगे निकलने के उनके प्रयास विफल साबित हुए। वैसे चुनावी तैयारियों का साल होने के चलते कांग्रेसियों को वार्मअप करने के लिए यह कार्यक्रम मुफीद माना जा रहा है। वैसे कांग्रेसियों का यह भी कहना था कि एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत उन्होंने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम सफलता पूर्वक संचालित किया। चूंकि एक प्रक्रिया के तहत ही कांग्रेसी शांतिपूर्ण तरीके से अपने कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे थे। इसलिए तोड़-फोड़ और अराजकता जैसे कदम किसी भी कार्यकर्ता ने नहीं उठाए। बहरहाल कांग्रेस के विधानसभा घेराव के चलते भराड़ीसैण विधानसभा मार्ग की सड़कों पर संग्राम के चलते सरकार की भी दिनभर इसी कार्यक्रम पर नजर रही। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा विधायकों ने प्रतिभाग कर जन मुद्दों को लेकर अपने समर्पण का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगे भी जनसरोकारों से जुड़े सवालों को लेकर संघर्ष की भूमिका में रहेगी। सरकार को चैन से बैठने नहीं दिया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आम जनता भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से त्रस्त होकर रह गई है। इसलिए अब भाजपा सरकार की विदाई तय है। जनता ने भाजपा को सत्ता से हटाने का मन पूरी तरह बना लिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगे भी इसी तरह जन मुद्दों को लेकर संघर्ष की भूमिका में खड़े रहने का आह्वान किया। कहा कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गांव-गांव तक लोगों को एकजुट करना होगा। इसमें ही कांग्रेस का सुनहरा भविष्य छिपा है।

