गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने निजमुला घाटी का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बिरही-निजमुला मोटर मार्ग पर भू-स्खलन प्रभावित काली चट्टान के स्थाई समाधान के लिए ब्रिडकुल के अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने तथा निर्माणाधीन झींझी पुल का निर्माण कार्य नवंबर माह तक पूरा करने के निर्देश दिए।
डीएम ने दूरस्थ निजमूला घाटी का स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यों और जनसमस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बिरही-निजमूला सड़क तथा निर्माणाधीन निजमूला-पाणा सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बिरही-निजमूला मार्ग पर भूस्खलन प्रभावित काली चट्टान क्षेत्र का जायजा लिया और ब्रिडकुल अधिकारियों को सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के साथ स्थाई समाधान के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने घाटी के ग्रामीणों को बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। ब्यारा गांव के ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बाजार क्षेत्र में नाली निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निजमूला-पाणा सड़क पर निर्माणाधीन झींझी पुल का निरीक्षण किया और पीएमजीएसवाई अधिकारियों को मानव संसाधन बढ़ाकर नवंबर तक पुल निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
वन विभाग के आवास गृह में आयोजित बैठक के दौरान घाटी के ग्रामीणों ने दुर्मी ताल के पुनर्निर्माण, पर्यटन गतिविधियों के विकास, सड़क, शिक्षा, दूरसंचार और अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग रखी। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, पूर्व प्रधान मोहन नेगी, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे, तहसीलदार दीप्ति शिखा, आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी, लोनिवि अधिशासी अभियंता तनुज कम्बोज आदि मौजूद रहे।
