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गोपेश्वर (चमोली)। खल्ला मंडल निवासी 6 वर्षीय शुशांत पुत्र राकेश के लिए शुक्रवार का दिन अचानक संकट लेकर आया, जब खेल-खेल में उसने एक रुपये का सिक्का निगल लिया। सिक्का उसके भोजन नली (ओसोफेगस) में फंस गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों ने बिना समय गंवाए बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया।

जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी सर्जन डॉ. दिग्विजय बंडगर ने बच्चे की स्थिति का तत्काल आकलन किया और गंभीरता को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. नेहा चौहान की तत्परता और कुशलता से बच्चे को शीघ्र ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया, जहां एक जटिल प्रक्रिया के माध्यम से भोजन नली में फंसे सिक्के को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया।

सर्जरी के दौरान ऑपरेशन थिएटर में नर्सिंग अधिकारी गौतम हिंदवाल, नर्सिंग अधिकारी टीनू रानी तथा सफाई कर्मचारी राजा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयासों से ऑपरेशन सफल रहा और बच्चे की जान बच गई।

सीमांत जनपद चमोली में इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफलतापूर्वक संपन्न होना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पहले ऐसी परिस्थितियों में मरीजों को उपचार के लिए देहरादून या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की अतिरिक्त चुनौती सामने आती थी। अब जिला अस्पताल में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।

इस सफल ऑपरेशन के लिए डॉ. दिग्विजय बंडगर, डॉ. नेहा चौहान एवं समस्त ऑपरेशन थिएटर स्टाफ की क्षेत्रवासियों ने सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि समर्पित और कुशल चिकित्सक पहाड़ के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।

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By admin

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