गोपेश्वर(चमोली)। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में किए जाने की मांग को लेकर भाकपा माले की न्याय यात्रा कर्णप्रयाग पहुंच गई है। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि मामले को ठंडे बस्ते में नहीं डालने दिया जाएगा और वीआईपी की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा।
भाकपा माले के प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी के नेतृत्व में अंकिता हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में किए जाने की मांग को लेकर बागेश्वर से चली न्याय यात्रा कर्णप्रयाग पहुंच गई है। कर्णप्रयाग में नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि सरकार ने इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराए जाने को लेकर हामी तो भर दी है किंतु सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में किए जाने को लेकर सरकार ने हामी नहीं भरी है। इस तरह यह जांच भी एसआईटी की तरह ही बनी रहेगी। इससे वीआईपी लोग जांच की गिरफ्त में आने से बच जाएंगे। उन्होंने कहा कि उर्मिला सनावर के आडियो खुलासे के बाद वीआईपी के नाम सामने आने से लोगों की आशंका को बल मिल गया है। पहले से ही लोग इस मामले में वीआईपी की संलिप्तता का खुलासा करने की मांग कर रहे थे किंतु मामले को टाला जाता रहा। अब सिटिंग जज की निगरानी से ही जांच में आरोपी बच नहीं पाएंगे। उनका कहना था कि इस मामले को लेकर आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार सिटिंग जज की निगरानी में जांच कराने को हामी नहीं भरती।
इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष गैरोला, त्रिलोचन भट्ट, अरविंद चौहान, वीरेंद्र मिंगवाल, मदन मोहन नवनी, कुशल बिष्ट आदि मौजूद रहे। अब यह न्याय यात्रा जोशीमठ को रवाना हो गई है।

