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वनाग्नि के खिलाफ पद यात्रा जन जागरुकता यात्रा

गोपेश्वर (चमोली)। चिपको आंदोलन की मातृ संस्था और सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र ने चिपको के बाद यही पुकार, जंगल न जलने देंगे अबकी बार के संदेश के साथ वनग्नि के खिलाफ जन जागरुकता के लिए चिपको के मातृ गांव खल्ला से बुधवार को पद यात्रा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान एक गोष्ठी भी की गई।

गोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता वयोवृद्ध चिपको आंदोलनकारी मुरारी लाल ने कहा कि यह वनांदोलनो की जन्म भूमि रहा है। विश्व ब्यापी पर्यावरण संरक्षण का संदेश चिपको का सूत्रपात भी इसी गांव के आंगन से हुआ। चिपको की लडाई से कुल्हाड़ी से तो पेड़ों को बचा लिया लेकिन अब हमारे समक्ष एक छोटी सी तिली से भड़कने वाली वनग्नि से अपने जंगलो को बचाने की चुनौती है।

गोष्ठी के दौरान अपने विचार रखते हुए रेंज अधिकारी आरती मैठाणी ने ग्राम स्तरीय फॉरेस्ट फायर  निरोधक कमेटी के गठन कर कहा कि हम सभी को मिलकर आग से अपने वनों को बचना है। इस प्रकार की आपदाओं से सामूहिक प्रयासो एवं जनभागीदारी से ही निपटा जा सकता है।

गोष्ठी में सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के प्रबंध न्यासी ओम प्रकाश भट्ट ने कहा कि न्यास की ओर से क्षेत्र में वनाग्नि की बड़ती घटनाओ को देखते हुए न्यास की ओर से वनाग्नि से सर्वाधिक प्रभावित प्रभावित क्षेत्रों में इसके खिलाफ जन जागरण एवं अध्यन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। जिससे स्थानीय स्तर पर ही संवाद से इसके कारणों एवं निदान के उपायों पर चर्चा हो सके। और हमारे वन आग की विपदा से  सुरक्षित रह सके।

इस दौरान गोष्ठी में  मंगला कोठियाल, वीरेंद्र सिंह, रेखा देवी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन विनय सेमवाल ने किया। इस दौरान कार्यक्रम में  मोहित सिंह, गोविंद सिंह, वीरेंद्र सिंह, माया प्रसाद, महाविर सिंह, शेर सिंह, महेश्वरी देवी, उमा देवी, नंदा देवी आदि मौजूद थे।

 

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