44 योजनाओं का शिलान्यास, 18 का लोकार्पण
टिहरी की डोबरा-चांठी पार्क परियोजना और हेमकुंड रोपवे के विद्युत कार्य भी शामिल
देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्योत्सव के मंच से उत्तराखंड को 1475.31 करोड़ रुपये की 62 विकास योजनाओं की सौगात दी। परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने 1073.11 करोड़ रुपये की 44 योजनाओं का शिलान्यास और 402.20 करोड़ रुपये की 18 योजनाओं का लोकार्पण किया।
इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में बिजली, पेयजल, सड़क, शहरी विकास, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, योजनाओं के धरातल पर उतरने और निर्धारित समय में पूरा होने से ही इनके लाभ आम जनता तक पहुंच सकेंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में सबसे अधिक 550.26 करोड़ रुपये की 23 योजनाएं शामिल हैं। यूपीसीएल की 472.33 करोड़ रुपये की 20 योजनाओं का शिलान्यास और 77.93 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का लोकार्पण किया गया। पेयजल निगम की 191.17 करोड़ रुपये की आठ योजनाओं का शिलान्यास और 82.03 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का लोकार्पण हुआ। जल संस्थान की 62.30 करोड़ रुपये की दो योजनाओं की भी आधारशिला रखी गई।
लोक निर्माण विभाग की 18.78 करोड़ रुपये की एक योजना का शिलान्यास और 99.68 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का लोकार्पण किया गया। वहीं शहरी विकास विभाग की 92.25 करोड़ रुपये की चार योजनाओं का शिलान्यास और 10.95 करोड़ रुपये की एक योजना का लोकार्पण हुआ। इनमें हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 के मद्देनजर सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के कार्य शामिल हैं।
पर्यटन के लिहाज से टिहरी और हेमकुंड साहिब से जुड़ी परियोजनाएं भी महत्वपूर्ण हैं। पर्यटन विभाग की 43.70 करोड़ रुपये की दो योजनाओं का शिलान्यास किया गया। इनमें टिहरी की डोबरा-चांठी पार्क परियोजना और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना के लिए विद्युत आपूर्ति संबंधी कार्य शामिल हैं।
तकनीकी शिक्षा विभाग की 35.06 करोड़ रुपये की योजना का शिलान्यास और 61.98 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इनमें नई टिहरी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक में भवन निर्माण भी शामिल है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अगस्त्यमुनि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 19.01 करोड़ रुपये से पीजी ब्लॉक बनाया जाएगा।
गृह विभाग की 68.27 करोड़ रुपये की दो योजनाओं का शिलान्यास हुआ। इनमें देहरादून में 31.63 करोड़ रुपये की लागत से साइबर उत्कृष्टता केंद्र और हल्द्वानी में 36.64 करोड़ रुपये से फायर स्टेशन के आवासीय भवनों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा सितारगंज में 48.21 करोड़ रुपये की लागत से मिल्क पाउडर प्लांट, आइसक्रीम प्लांट और बेकरी यूनिट स्थापित करने की योजना का शिलान्यास किया गया।
आवास विभाग की 10.59 करोड़ रुपये की योजना का शिलान्यास और 12.48 करोड़ रुपये की योजना का लोकार्पण किया गया। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की 11.44 करोड़ रुपये की योजना का शिलान्यास हुआ, जबकि चिकित्सा शिक्षा विभाग की 57.15 करोड़ रुपये की दो योजनाओं का लोकार्पण किया गया।
सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। राज्योत्सव के दौरान विकास योजनाओं की यह सौगात आगामी समय में इनके क्रियान्वयन और गुणवत्ता की कसौटी पर भी परखी जाएगी।
