- होमगार्ड की तर्ज पर मूल वेतन और डीए देने के साथ 365 दिन रोजगार की मांग
देहरादून। होमगार्ड की तर्ज पर मूल वेतन और महंगाई भत्ता देने तथा सालभर रोजगार की मांग को लेकर प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन का आरोप है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद सात कैबिनेट बैठकें गुजर गईं, लेकिन मामला कैबिनेट के सामने तक नहीं पहुंचा। इससे प्रदेशभर के पीआरडी जवानों में नाराजगी है।
सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की दो सूत्रीय मांगों को लेकर 18 मार्च से देहरादून के एकता विहार में अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा था। छह जुलाई को विभागीय मंत्री रेखा आर्या को ज्ञापन सौंपने के बाद उनके निर्देश पर संयुक्त निदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल ने धरना स्थल पर संगठन से वार्ता की थी। इस दौरान मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद सात जुलाई को धरना स्थगित कर दिया गया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष किशन सिंह रावत ने बताया कि वार्ता के दौरान आश्वासन दिया गया था कि आगामी दो कैबिनेट बैठकों में मांगों को प्रस्तुत किया जाएगा, लेकिन सात बैठकें होने के बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ। संगठन की प्रमुख मांगों में पीआरडी जवानों को होमगार्ड की तर्ज पर मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता देना और वर्षभर 365 दिन नियमित रोजगार उपलब्ध कराना शामिल है।
पदाधिकारियों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि दो नवंबर को प्रेस वार्ता के माध्यम से घोषित की जाने वाली तिथि तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के पीआरडी जवान महाआक्रोश रैली निकालेंगे। इसके बाद व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव वीर सिंह रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी विनोद तोमर, जिला अध्यक्ष नवीन सिंह बिष्ट, जिला महासचिव पवन किशोर बहुगुणा, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर तोमर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्येंद्र नौगाई, उपाध्यक्ष योगेश सैनी और सह-सचिव भगत सिंह दानू सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
