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गोपेश्वर (चमोली)। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच बिना आवेदन किए ही मतदाता सूची में संशोधन का संदेश मिलने से सीपीआईएमएल प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी ने निर्वाचन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त समेत उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चमोली के जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर उनके नाम से दर्ज आवेदन की जांच करने और मतदाता सूची में उनका नाम सुरक्षित रखने की मांग की है।

मैखुरी के मुताबिक, उन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से भेजे गए पहले एसएमएस में मतदाता सूची में दर्ज विवरणों में संशोधन के लिए आवेदन प्राप्त होने की सूचना मिली। इसके बाद दूसरे संदेश में उसी आवेदन पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की तैनाती की जानकारी दी गई।

मैखुरी का कहना है कि उन्होंने अपने मतदाता विवरण में सुधार के लिए कोई आवेदन नहीं किया है, जबकि मैखुरा गांव की मतदाता सूची में उनका नाम और विवरण सही दर्ज हैं। ऐसे में उनके नाम से आवेदन दर्ज होने का मामला निर्वाचन प्रक्रिया में इस्तेमाल हो रहे आवेदनों के सत्यापन और उनकी प्रामाणिकता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटने को लेकर जताई जा रही चिंताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के संदेश मतदाताओं में अपने नाम को लेकर असुरक्षा पैदा कर सकते हैं। उनका मामला यह सवाल भी सामने लाता है कि मतदाता के नाम पर दर्ज आवेदन की पुष्टि और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था कितनी पारदर्शी है।

बिना आवेदन कैसे दर्ज हुआ संशोधन का प्रकरण

मैखुरी ने निर्वाचन अधिकारियों से सवाल किया है कि जब उन्होंने कोई आवेदन ही नहीं किया, तो उनके नाम से संशोधन का प्रकरण कैसे दर्ज हुआ। उन्होंने आवेदन के स्रोत और उसे दर्ज करने की परिस्थितियों की जांच कर लिखित जवाब देने की मांग की है। मतदाता सूची में अपने नाम और विवरण की स्थिति की पुष्टि करने तथा नियमानुसार प्रक्रिया अपनाए बिना किसी संशोधन या नाम विलोपन की कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया है।

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By admin

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