गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड में शिक्षकों की पदोन्नति व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राजकीय शिक्षक संघ चमोली ने कहा कि प्रदेश में पहली बार सभी राजकीय हाईस्कूल प्रधानाध्यापक विहीन हो गए हैं। प्रधानाध्यापकों के करीब 910 पद रिक्त हैं, जबकि प्रधानाचार्यों के 1,385 स्वीकृत पदों में से 90 फीसदी से अधिक खाली चल रहे हैं। संघ ने इसे विभागीय व्यवस्था की गंभीर स्थिति बताते हुए सरकार से तत्काल पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह चैहान ने कहा कि हाल ही में 32 प्रधानाध्यापकों को प्रधानाचार्य पदों पर पदोन्नति दी गई, लेकिन इससे प्रधानाध्यापकों के सभी पद रिक्त हो गए। हजारों शिक्षक निर्धारित अर्हताएं पूरी करने के बावजूद पदोन्नति की बाट जोह रहे हैं। एलटी से प्रवक्ता पदों पर भी आठ साल से पदोन्नति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पात्र शिक्षकों को पदोन्नति देने में देरी से विद्यालयों में नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है।
संघ ने मांग की है कि एलटी शिक्षकों और प्रवक्ताओं को पदोन्नति देकर प्रधानाध्यापकों के करीब 910 रिक्त पद भरे जाएं। इसके बाद वन टाइम शिथिलीकरण का लाभ देकर प्रधानाचार्य पदों पर पदोन्नति की जाए और खाली हुए प्रधानाध्यापक पदों को फिर भरा जाए। संघ के अनुसार, सरकार के स्तर पर एक निर्णय से सभी स्तरों पर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस संबंध में जिला कार्यकारिणी ने प्रांतीय कार्यकारिणी को पत्र भेजा है।
इस अवसर पर जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह नेगी, उपाध्यक्ष दिनेश कुनियाल, संयुक्त मंत्री संतोष बिष्ट, संगठन मंत्री बलवंत बिष्ट सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
