गोपेश्वर (चमोली)। रामपुर तिराहा कांड की बरसी पर शुक्रवार को गोपेश्वर का शहीद स्थल उत्तराखंड राज्य आंदोलन के उस दौर की यादों से गूंज उठा, जब अलग राज्य की मांग लेकर निकले आंदोलनकारियों के संघर्ष ने बलिदान का इतिहास रचा था। शहीदों की स्मृति में राज्य आंदोलनकारियों और उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर नमन किया। दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके सपनों के उत्तराखंड के निर्माण के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। रामपुर तिराहा कांड में राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर अलग राज्य की मांग को मजबूत किया। उनके बलिदान को उत्तराखंड की जनता हमेशा याद रखेगी। कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने जिस उत्तराखंड की कल्पना की थी, उसमें पहाड़ के लोगों को रोजगार, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और गांवों में मूलभूत सुविधाएं मिलें। पलायन रुके और पहाड़ के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके सपनों के उत्तराखंड के निर्माण के लिए ईमानदारी से प्रयास किए जाएं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने रामपुर तिराहा कांड के शहीदों के बलिदान को याद करते हुए राज्य आंदोलन के संघर्ष और इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। कहा कि राज्य निर्माण के पीछे छिपे संघर्ष और कुर्बानियों को भुलाया नहीं जाना चाहिए।
इस दौरान राज्य आंदोलनकारी एवं यूकेडी नेता कमल किशोर डिमरी, जिला महामंत्री सुबोध बिष्ट, मनीष नेगी, मंगला कोठियाल, चंद्रकला बिष्ट, योगेंद्र बिष्ट समेत अन्य राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे। सभी ने शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सपनों के उत्तराखंड के निर्माण के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
