गोपेश्वर (चमोली)। जनगणना के तहत चमोली जिले के हिमाच्छादित और दुर्गम राजस्व ग्रामों में दूसरे चरण की स्व-गणना प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले की ज्योतिर्मठ और चमोली तहसील के 25 हिमाच्छादित राजस्व ग्रामों के नागरिक 17 अगस्त से 31 अगस्त तक घर बैठे ऑनलाइन स्व-गणना कर सकते हैं।
स्व-गणना के लिए नागरिक पोर्टल पर जाकर करीब 40 सवालों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलने वाले कोड नंबर को सुरक्षित रखना होगा। एक सितम्बर से 30 सितम्बर के बीच जब प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे, तब यह कोड उन्हें उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके बाद 25 प्रगणक और सात सुपरवाइजर इन गांवों में घर-घर जाकर मैपिंग और जनगणना से संबंधित कार्य पूरा करेंगे।
इस चरण में ज्योतिर्मठ तहसील के माणा, खिरोंन, भ्यूंडार, तोलमा, बम्पा, गमसाली, नीती, गुरगुटी, मेहरगांव, मलारी, कैलाशपुर, रेवाली चक कुरकुटी, फरकियागांव, कोसा, जेलम, जुम्मा, लमतोली, कागा लगा द्रोणागिरी, गरपक, द्रोणागिरी, ऊंथ हनुमानचट्टी बेनाकुली और बदरीनाथपुरी शामिल हैं। चमोली तहसील के रुद्रनाथ और पांगरवासा राजस्व ग्राम भी इस चरण में शामिल हैं।
जनगणना के प्रथम चरण में 10 से 24 अप्रैल तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की स्व-गणना कराई गई थी। इसके बाद 25 अप्रैल से 24 मई तक प्रगणकों ने हाउस लिस्टिंग का कार्य किया। चमोली जिले में इस चरण के लिए 1,469 जनगणना ब्लॉक बनाए गए थे। इनमें 814 प्रगणक, 145 सुपरवाइजर और 24 चार्ज अधिकारियों ने कार्य पूरा किया।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने हिमाच्छादित और दुर्गम गांवों के नागरिकों से निर्धारित अवधि में स्व-गणना पूरी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक स्वयं अपने और परिवार से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
