गोपेश्वर (चमोली)। आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा प्रबंधन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और मानसून से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कर ली जाएं।
जिला सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की पूर्व पहचान कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने सड़क एजेंसियों, नगर निकायों और संबंधित विभागों को नालों एवं जल निकासी तंत्र की सफाई, झाड़ियों के कटान तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
सिंचाई विभाग को सिल्टेशन प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया। साथ ही जल प्रवाह में बाधा बनने वाली संरचनाओं को हटाने और संभावित खतरे वाले स्थलों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सड़क एजेंसियों को भूस्खलन अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति से निपटने के लिए जेसीबी मशीनों सहित आवश्यक संसाधनों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। वैकल्पिक मार्गों की पहचान, मरम्मत कार्य और चेतावनी संकेतक लगाने पर भी जोर दिया गया।
आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए पूर्ति विभाग को पर्याप्त खाद्यान्न और राहत सामग्री का भंडारण सुनिश्चित करने तथा आपदा शेल्टरों की स्थिति का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए। वहीं उपजिलाधिकारियों को तहसील स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) गठित कर उनकी सक्रियता बनाए रखने को कहा गया।
बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों में सेल्फी जैसी जोखिमपूर्ण गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने और चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और गंभीर रोगियों के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पांडे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
