गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ तथा हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आ रहे तीर्थ यात्रियों को ज्योतिर्मठ में गेट सिस्टम को प्रभावी करने से जाम के झाम से निजात मिल रही है। इसके चलते स्थानीय लोगों को भी राहत मिलती दिखाई दे रही है।
दरअसल बदरीनाथ यात्रा के दौरान ज्योतिर्मठ में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीर्थयात्रियों को वाहनों के दबाव के चलते जाम से निजात नहीं मिल पा रही थी। इसके चलते ज्योतिर्मठ में करीब 15 वर्षों बाद वन वे गेट सिस्टम लागू किया गया। इस व्यवस्था के प्रभावी होने से चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों को जाम के झाम से निजात मिलती दिखाई दे रही है। बदरीनाथ धाम की यात्रा के शुरू होने के 43 दिनों के भीतर ही 9 लाख 8 हजार 619 श्रद्धालु यात्रा पर आ चुके है। इसी तरह हेमकुंड साहिब की यात्रा पर भी अब तक 55 हजार 411 तीर्थयात्री मत्था टेक चुके हैं। हर रोज 20 हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन हो रहा है। ज्योतिर्मठ के मारवाडी के मध्य लग रहे जाम के चलते डीएम गौरव कुमार के निर्देश पर पुलिस और तहसील प्रशासन ने गेट सिस्टम शुरू किया। इससे दोनों ओर से निर्धारित समय अंतराल पर एक दिशा से वाहनों की आवाजाही हो रही है। इससे यातायात को सुचारू बनाने में मदद मिलती जा रही है। स्थानीय लोग भी गेट सिस्टम लागू होने से राहत में हैं। इससे पूर्व ज्योतिर्मठ में जाम लगने से पैदल यात्रियों, स्थानीय नागरिकों व व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब इस झंझट से लोगों को निजात मिल गई है।
ब्रहमकपाल तीर्थपुरोहित संगठन के अध्यक्ष अमित सती, स्थानीय व्यापारी हर्षा शाह, सलीम और समीर डिमरी ने प्रशासन एवं पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गेट सिस्टम लागू होने के बाद ज्योतिर्मठ क्षेत्र में जाम की समस्या काफी हद तक नियंत्रित हुई है और आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम हुई है।
डीएम गौरव कुमार ने कहा कि बदरीनाथ एवं हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु यातायात संचालन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वाहनों के दबाव को देखते हुए गेट सिस्टम संचालित किया जा रहा है। यातायात का दबाव कम होने पर आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। उन्होंने यात्रियों से प्रशासन द्वारा निर्धारित यातायात नियमों का पालन करने तथा सहयोग बनाए रखने की अपील भी की।
