गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने भराडीसैण विधानसभा परिसर से सटे सारकोट गांव के मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों को माडल बताते हुए इसी से सटे परवाडी गांव को भी विकसित करने की कवायद की जाएगी। इसके लिए बीडीओ को डीपीआर तैयार करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत गैरसैण ब्लाॅक के सारकोट गांव में विभिन्न विभागों की ओर से संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि अब इसी गांव से सटे परवाडी गांव को भी सारकोट की तर्ज पर विकसित करने का बीड़ा उठाया जाएगा।
बैठक में उन्होंने सभी विभागों को सारकोट गांव में चल रहे निर्माण कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने पर बल देते हुए गुणवत्ता पर जोर देने को कहा। ग्रामीण निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सारकोट के पांचों तोकों में लगभग 250 आवासों के सौंदर्यीकरण कार्य को जल्द पूरा करने पर बल देते हुए गौशाला निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। सामूहिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए की जा रही 950 मीटर सोलर चेन लिंक फेंसिंग के कार्य में तेजी लाने तथा प्राथमिक विद्यालय सारकोट में चल रहे सिविल और अन्य विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने को कहा।
कृषि विभाग की ओर से बताया कि ग्राम पंचायत सारकोट में 203 से अधिक किसानों की 126.22 हेक्टेयर कृषि भूमि को चेन लिंक फेंसिंग किया जाना है। अब तक 10 जियो लाइन टैंकों का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जबकि चार टैंक निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा 1600 मीटर चेन लिंक फेंसिंग का कार्य भी पूर्ण हो चुका है।
डीएम गौरव कुमार ने मुख्य कृषि अधिकारी को पूरे गांव को सोलर फेंसिंग से आच्छादित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि इससे किसानों की फसलें जंगली जानवरों से सुरक्षित रहेंगी और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को सारकोट में स्वास्थ्य संबंधि सुविधाओं की बहाली पर बल दिया।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, जिला विकास अधिकारी केके पंत, आरडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अल्लादिया समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
