कर्णप्रयाग (चमोली)। लंबे इंतजार और आंदोलन के बाद आखिरकार बहुगुणानगर भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा कार्य शुरू हो गया है। शासन से स्वीकृत 50 करोड़ रुपये की धनराशि से सिंचाई विभाग ने विधिवत भूमि पूजन के साथ भू-स्खलन और भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र के ट्रीटमेंट कार्य का शुभारंभ कर दिया। इस परियोजना के तहत बहुगुणानगर के ऊपरी और निचले हिस्सों में व्यापक सुरक्षा कार्य किए जाएंगे।
कर्णप्रयाग नगर के सब्जी मंडी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले चार-पांच वर्षों से लगातार भू-धंसाव की समस्या बनी हुई है। इसके चलते कई मकान तिरछे हो गए हैं, जबकि अनेक भवनों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि करीब 35 परिवार आपदा के साये में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। हालांकि यह कार्य पहले शुरू होना था, लेकिन प्रभावित परिवारों ने मुआवजे की मांग को लेकर बीते 5 मई से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। प्रभावितों का कहना था कि सुरक्षा कार्य शुरू करने से पहले उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। इस मांग को लेकर उन्होंने 19 दिनों तक आंदोलन जारी रखा। बाद में क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल ने प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। 1 जून से सिंचाई विभाग ने भूधंसाव क्षेत्र के ट्रीटमेंट का कार्य प्रारंभ कर दिया।
सिंचाई विभाग के शुभम डोभाल ने बताया कि पूरे प्रभावित क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से ट्रीटमेंट कार्य किया जाएगा। पहले चरण में सब्जी मंडी परिसर और उसके आसपास के संवेदनशील हिस्सों में कार्य किया जा रहा है। इसके बाद कर्णप्रयाग-नैंनीसैंण मोटर मार्ग के प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएंगे।
उधर, मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित परिवारों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक अनिल नौटियाल के नेतृत्व में सोमवार को मुख्यमंत्री से मिला। प्रतिनिधिमंडल में शामिल कमला रतूड़ी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मुआवजे के संबंध में सकारात्मक आश्वासन दिया है। प्रभावित परिवारों को अब उम्मीद है कि सुरक्षा कार्यों के साथ-साथ मुआवजे की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। इससे वर्षों से संकट झेल रहे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
