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कर्णप्रयाग (चमोली)।  विस्थापन और मुआवजे की मांग को लेकर बीते पांच दिनों से धरने पर बैठे कर्णप्रयाग बहुगुणा नगर के भू-धंसाव प्रभावितों की सोमवार को उपजिलाधिकारी अलकेश नौड़ियाल के साथ बैठक हुई। प्रभावितों ने एसडीएम के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए स्थाई विस्थापन और उचित मुआवजे की मांग दोहराई। कहा कि यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो प्रभावितों को भूख हड़ताल को विवश होना पड़ेगा।

गौरतलब है कि कर्णप्रयाग नगर पालिका के बहुगुणा नगर और सुभाषनगर क्षेत्र के लोग पिछले चार वर्षों से आपदा की मार झेल रहे हैं। प्रभावित परिवार लगातार सरकार और प्रशासन से राहत व पुनर्वास की मांग करते आ रहे हैं। इसी बीच क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था की मशीनरी पहुंचने पर लोगों का आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाकर आंदोलन शुरू कर दिया था।

आंदोलन के पांचवें दिन प्रशासन ने आपदा प्रभावितों को वार्ता के लिए तहसील बुलाया। बैठक के दौरान प्रशासन और प्रभावितों के बीच लंबी बातचीत हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही। बैठक में एसडीएम ने आपदा पीड़ितों से धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन प्रभावित लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। आपदा पीड़ित एवं आईटीआई वार्ड की सभासद कमला रतूड़ी ने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों के स्थाई विस्थापन और ठोस मुआवजे को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार से आंदोलन को तेज करते हुए भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। आपदा पीड़ित पुष्कर रावत और संजय नौटियाल ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान रीना रावत, संजय नौटियाल, सुभाष चमोली, महेश खंडूरी, हरेंद्र बिष्ट, आदि मोजूद रहे।

बोले अधिकारी

उपजिलाधिकारी अलकेश नौड़ियाल ने कहा कि आपदा पीड़ितों के साथ लगातार वार्ता की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवार मुआवजे और विस्थापन की मांग कर रहे हैं तथा उनकी मांगों के आधार पर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

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