गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड औद्यानिक परिषद ने स्थानीय काश्तकारों की सब्जियों का सीधा विपणन आईटीबीपी से कर एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इससे सीमांत क्षेत्र के काश्तकार अपनी खेतों की सब्जियों को सीधे आईटीबीपी को बेच सकेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व मेें राज्य के काश्तकारों की आय बढाने को लेकर योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है। जिसे लेकर उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद की ओर से काश्तकारों की आय को बढाने की मंशा से बीती 1 अप्रैल को स्थानीय काश्तकारों से सब्जी क्रय करने हेतु अनुबंध किया गया है।
शुक्रवार को ज्योतिर्मठ के बड़ागांव के भद्रेश्वर कृषक उत्पादक संगठन ने सब्जी विपणन के साथ जनपद में योजना का संचालन शुरु कर दिया है। उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने सब्जी की पहली खेप ले जा रहे वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। काश्तकारों की ओर से अनुबंध के तहत पहली खेप में 50 किग्रा मटर, 8 किग्रा लहसुन, 50 किग्रा राई, 5 किग्रा धनिया और 5 किग्रा चुकन्दर की सप्लाई की है। इससे काश्तकारों को 9 हजार की आय प्राप्त हुई है।
स्थानीय काश्तकार मोहन सिंह कम्दी, सुखदेव सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से किया गया यह अनुबंध स्थानीय काश्तकारों की आय को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा। अब काश्तकारों अपने उत्पादों के विपणन के लिए बाजारों नहीं भटकना पड़ेगा।
ज्योतिर्मठ के ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक सोमेश भंडारी ने कहा कि उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद की ओर से किए गए अनुबंध के तहत जोशमीठ के बड़ागांव के काश्तकारों के समूह से सब्जी के विपणन व्यवस्था शुरू कर दी गई है। अनुबंध के अनुसार क्षेत्र के कृषक संगठनों को सब्जी के विपणन की व्यवस्था से जोड़ा गया। जो काश्तकारों की आय मेें बढोत्तरी में सहायक सिद्ध होगा।

