गोपेश्वर (चमोली)। टीएचडीसी तथा एचसीसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। पीपलकोटी नगर पंचायत की अध्यक्ष आरती नवानी के नेतृत्व में प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी गौरव कुमार को सौंपे ज्ञापन मेें कहा है कि टीएचडीसी ने प्रभावित क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा के लिए अंग्रेजी माध्यम का स्कूल खोलने का भरोसा दिया था। इसके बावजूद अभी तक यह विद्यालय अस्तित्व में नहीं आ पाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्र के लोगों के कल्याण के लिए आवंटित धन को स्थानीय प्रभावितों को विश्वास में लिए बिना अन्य क्षेत्रों में खर्च किया जा रहा है। यहां तक कि स्वामी विवेकानंद अस्पताल जैसी संस्थाओं को दी जाने वाली सहायता में नगर पंचायत की सहमति को अनिवार्य भी नहीं किया गया है। इस बात पर चिंता जताई गई है कि टनल निर्माण से प्रदूषण फैल रहा है। इसके चलते टनल से निकलने वाले रसायन युक्त प्रदूषित पानी को सीधे अलकनंदा में बहाया जा रहा है। इससे जलीय जीव जंतुओं के साथ ही नदी की निर्मलता पर संकट मंडरा रहा है। परियोजना निर्माण से गोचर तथा पनघट की भूमि भी समाप्त हो गई है। इससे पारिस्थितिकीय तंत्र भी बिगड़ रहा है। टनल का मलवा घाटों और रास्तों पर फैंकने से अंतिम संस्कार में दिक्कतें खड़ी हो रही है। क्रशर प्लांट से होने वाले ध्वनि व वायु प्रदूषण ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।
टीएचडीसी की कार्यदायी संस्था एचसीसी में स्थानीय लोगों को रोजगार देने में अनदेखी की जा रही है। जनसुनवाई के दौरान 70 फीसदी स्थानीय लोगों को रोजगार देने का भरोसा दिया गया था। इसके बावजूद इस पर अमल नहीं हो रहा है। प्रतिनिधि मंडल में संतोषी, राकेश नवानी, आशीष कुमार, अंकित रावत, मनोरमा देवी, अनिल जोशी, पवन कुमार, संजय राणा, रविंद्र नेगी, कुसुम रावत, संतोष रावत, संतोष कुमार, नरेंद्र पोखरियाल, दीपक सती, मुकेश सिंह, गुलाब सिंह बिष्ट, जगत सिंह नेगी, रघुनाथ फरस्वाण, हरेंद्र पंवार आदि शामिल रहे।

