गोपेश्वर (चमोली)। ज्योतिर्मठ ब्लाॅक के सलुड-डुंग्रा में 26 अप्रैल को रम्माण का आयोजन होने जा रहा है। इसके लिए तैयारियां प्रारंभ हो गई है। रम्माण के संयोजक डा. कुशल भंडारी ने बताया कि आयोजन समिति की बैठक में 26 अप्रैल को ऐतिहासिक रम्माण का मंचन होगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक परंपरा के अनुसार क्षेत्रपाल देवता अपने निशानों के साथ गाजे बाजों संग डुंग्रा गांव से मूल मंदिर पहुंचे। यहां उनका पारंपरिक श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद गांव के युवाओं ने देवता के मुख्य निशान के साथ विशेष ताल पर नृत्य किया। ग्रामीणों ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
आयोजन समिति के अनुसार अगले 12 दिनों तक क्षेत्र के पांच प्रमुख मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान, देवता का मिलन, क्षेत्र भ्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रात्रिकालीन मुखौटा नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। संयोजक डॉ. कुशल भंडारी ने बताया कि रम्माण एक प्राचीन धार्मिक नृत्य है। इसके चलते ही इसे विश्व धरोहर का दर्जा मिला है। इस पर शोध कार्य भी चल रहे हैं। मौजूदा साल में पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी। इस दौरान भरत सिंह पंवार, रणवीर सिंह चैहान, लक्ष्मी प्रसाद, रघुवीर सिंह, पंकज बेंजवाल, प्रदीप, भरत सिंह बगारी व विकेश कुंवर समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

