गोपेश्वर (चमोली)। ज्योतिर्मठ में बुधवार को चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने एनटीपीसी के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे प्रभावित ग्रामीणों के साथ बातचीत कर प्रभावितों की मांगों के समाधान का भरोसा दिया। डीएम के आश्वासन के बाद धरने को स्थगित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि तपोवन में एनटीपीसी की जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों की ओर से बीते आठ दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना, प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रभावितों की ओर से बीते सोमवार को उप जिलाधिकारी जोशीमठ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पांच दिनों के भीतर उनकी मांगों का निस्तारण न होने पर एनटीपीसी पर तालाबंदी और तहसील का घेराव करने का एल्टीमेंटम दिया गया था। इस पर बुधवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जोशीमठ पहुंचकर प्रभावितों के साथ बैठक कर वार्ता की। प्रभावितों ने जिलाधिकारी के सम्मुख अपनी मांगे रखी। इस पर जिलाधिकारी ने प्रभावितों की मांग के अनुरूप परियोजना कार्य में स्थानीय युवाओं को क्षमता के अनुरूप नियमों के अनुसार रोजगार देने के निर्देश दिए। उन्होंने चारापत्ती के मुआवजे के लिए शासन व भारत सरकार से वार्ता कर निस्तारित करने और एनटीपीसी के अधिकारियों को कंपनी प्रबंधन से पत्राचार कर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एनटीपीसी के अधिकारियों की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को रोजगार देने और चारापत्ती के मुआवजे के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद परियोजना प्रभावितों ने अपना धरना स्थगित कर दिया है।
इस दौरान बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बत्र्वाल, उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ, एनटीपीसी के परियोजना प्रमुख एके शुक्ला, एजीएम एचआर सुगाता दास गुप्ता, प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष मोहन लाल बजवाल, सभासद प्रवेश डिमरी, ग्राम प्रधान रोशनी देवी, विनीता देवी, लक्ष्मी देवी, मिथलेश फरस्वाण, क्षेत्र पंचायत सदस्य वर्षा देवी, विपुल आदि मौजूद रहे।

