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पोखरी (चमोली)। पोखरी पेयजल पुनर्गठन योजना की पाइप लाइन के श्रीगढ़ गांव में फटने से उत्पन्न विवाद जल संस्थान और ग्रामीणों के बीच लिखित समझौते के बाद सुलट गया है।

बताते चलें कि पोखरी पुनर्गठन पेयजल योजना की पाइप लाइन श्रीगढ़ गांव में फट गई थी। पेयजल लाइन के फटने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई थी। गांव के ऊपर गुजर रही लाइन की मरम्मत के कार्य को ग्रामीणों ने रोक दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि पाइप लाइन को तत्काल हटा दिया जाना चाहिए। ऐसा नहीं किया गया तो ग्रामीणों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। ग्रामीणों की ओर से विवाद खड़ा कर दिए जाने से जल संस्थान तथा तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अब ग्रामीणों की मांग पर कोई आश्वासन न मिलने पर दोनों टीमें उल्टे पैर वापस लौट गई। इसके बाद फिर विभागीय अधिकारी और प्रशासन की टीम श्रीगढ़ गांव पहुंची।

ग्रामीणों से कई दौर की वार्ताओं का दौर चला। ग्रामीणों के बीच सहमति पर इस बात का लिखित आश्वासन दिया गया कि पाइप लाइन को सुरक्षा की दृष्टि से गांव के बाहर शिफ्ट कर दिया जाएगा। जब तक सुरक्षा की दृष्टि से पाइप लाइन शिफ्ट नहीं होती तब तक जल संस्थान का एक कर्मचारी मौके पर तैनात रहेगा। पाइप लाइन बिछने के एक माह बाद पुरानी लाइन को गांव के मध्य से हटा दिया जाएगा।  पाइप फटने से क्षतिग्रस्त रास्तों का पुनर्निर्माण और जिन घरों को नुकसान हुआ है, उनकी मरम्मत का जिम्मा भी विभाग ने लिया है। भविष्य में किसी भी नुकसान की भरपाई भी जल संस्थान द्वारा की जाएगी। समझौते के बाद विभाग ने पाइप लाइन जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया।

इस दौरान जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार सैनी,सहायक अभियंता जगदीश पंवार, प्रधान कल्पना देवी, महिला मंगल दल की अध्यक्षा रंजनी  देवी,  मधु देवी सरिता देवी, सौरभ बत्र्वाल, कैप्टेन रमेश सिंह बत्र्वाल, संदीप बत्र्वाल, बरदेई देवी, संतोषी देवी, उर्मिला देवी, शांति देवी, रुचिता देवी, नीलम देवी, अनीता देवी, नीमा देवी, लीला देवी, यशोदा देवी, दीपा देवी समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

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