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गोपेश्वर (चमोली)। अपनो से बिछड़ों को घर लौटाने के संकल्प के साथ चमोली पुलिस ने आपरेशन स्माइल के सफल संचान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय गोष्ठी आयोजित की। प्रदेशभर में गुमशुदा बच्चों, महिलाओं, पुरुषों की तलाश और पुनर्वास को लेकर एक जनवरी से 28 फरवरी तक ऑपरेशन स्माइल का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के नेतृत्व में जनपद स्तर पर एक समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें ऑपरेशन स्माइल को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं को एक मंच पर लाया गया। इसमें ऑपरेशन स्माइल टीम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, सीडब्ल्यूसी, जिला बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग, विधिक सेवा प्राधिकरण, शिक्षा विभाग तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

गोष्ठी में एसपी पंवार ने वर्ष 2019 से 2025 तक जनपद से गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों पर चर्चा की। उन्होंने कहा हर गुमशुदा व्यक्ति केवल एक केस नहीं, बल्कि किसी परिवार की अधूरी कहानी है। हमारा लक्ष्य इन दो महीनों में अधिक से अधिक बिछड़े लोगों को उनके अपनों से सुरक्षित मिलाना है। एसपी ने अभियान को मिशन मोड में संचालित करने को कहा। कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय, सूचना साझा करने और त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करें। इसके लिए सभी संबंधित विभागों का संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाने की बात भी कही गई। इससे सूचना का त्वरित और प्रभावी आदान-प्रदान हो सके।

अभियान के लिए जनपद स्तर पर सर्चिंग टीम और टेक्निकल टीम बनाई गई। गुमशुदा व्यक्तियों के उपलब्ध डाटा के आधार पर शेल्टर होम, नारी निकेतन, वृद्धाश्रम, होटल-ढाबे, कारखाने, बस अड्डे, धार्मिक स्थल एवं अन्य संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जाएगा। अभियान को चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट को नोडल अधिकारी बनाया गया। प्रत्येक टीम में महिला पुलिस कर्मी की अनिवार्य तैनाती सुनिश्चित की गई है ताकि महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों में मानवीय संवेदनशीलता बनी रहे। बरामद किए गए सभी गुमशुदाओं का सत्यापन, काउंसलिंग एवं सकुशल परिजनों से पुनर्मिलन किया जाएगा।  सोशल मीडिया, तकनीकी संसाधनों एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का व्यापक उपयोग कर जनसहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने मानसिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि आधुनिक जीवनशैली के कारण मानसिक तनाव और समस्याएं सभी आयु वर्ग में बढ़ रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए टेली मानस टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 शुरू की गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना झिझक अपनी मानसिक समस्याओं पर विशेषज्ञों से बात कर सके।

इस दौरान गैर संस्थागत बाल संरक्षण अधिकारी प्रवेश सिंह नेगी, विधि सलाहकार प्रदीप सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी रजनी पंवार, श्रम विभाग से कमलेश सती, हिमाद से प्रभा रावत, बाल कल्याण समिति की सदस्य ममता भट्ट,  चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक राजीव नौटियाल, वन टॉप सेंटर से रश्मि रावत, प्रधानाचार्य कर्मवीर सिंह, आश्रम पद्वति विद्यालय के शिक्षक भरत सिंह राणा, स्वास्थ्य विभाग से उदय सिंह रावत, उपनिरीक्षक नवनीत भंडारी आदि मौजूद रहे।

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