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गोपेश्वर (चमोली)। स्वास्थ्य सुविधाओं से बदहाल सीमावर्ती क्षेत्र जोशीमठ के लोगों को बेहतर चिकत्सीय सेवा देने के ध्येय से सरकारी नौकरी से दूर रहे प्रख्यात चिकित्सक डा सुदर्शन सिंह भण्डारी के आकस्मिक निधन से पैनखंडा  एवं दशोली क्षेत्र में शोक व्याप्त हो गया है।  सैकड़ो लोगों को नई जिंदगी देने वाले डा भंडारी स्वयं जिंदगी की जंग हार गए। डा भंडारी का निधन देहरादून के निजी  अस्पताल में हुआ। सोमवार को विष्णुप्रयाग घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसमें बड़ी संख्या मे पैनखंडा के ग्रामीण अंतिम यात्रा में शामिल हुए। बेहद मृदु भाषी जनता की सेवा के लिए समर्पित डा भंडारी ने केजीएमसी लखनऊ से एमबीबीएस करने के बाद केवल छः माह श्री बद्रीनाथ धाम मे क्लीनिक खोलकर करियर की शुरुआत की। इसके बाद सीमांत नगर जोशीमठ को ही अपनी कर्मस्थली चुना और करीब चालीस वर्षो तक जोशीमठ मे ही चिकत्सा सेवा देते रहे।

मूल रूप से पाण्डुकेश्वर गाँव के निवासी डाँ भण्डारी न केवल जोशीमठ नहीं अपितु विवेकानंद हॉस्पिटल पीपलकोटी मे भी अल्ट्रासॉउन्ड सुविधा के माध्यम से दोनों विकास खण्डो की जनता को सेवाएं देते रहे। उनके निधन से पूरे क्षेत्र के लोगों को गहरा धक्का लगा है।

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By admin

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