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गोपेश्वर (चमोली)। पर्यटन विभाग की होम स्टे योजना युवाओं के स्वरोजगार के लिए बेहतर जरिया बन गई है। पर्यटन विभाग की ओर से संचालित होम स्टे योजना राज्य में युवाओं के बेहतर स्वरोजगार का जरिया बन रही हैं। विभाग की ओर से योजनाओं माध्यम से युवाओं को अनुदान प्रदान कर घर पर ही स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। जिससे पलायन पर प्रभावी रोक तो लग ही रही है अपितु युवा अपने ही घर ही अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रहे हैं। पर्यटन विभाग की ओर से राज्य में घरों पर ही पर्यटकों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निर्माण व रख-रखाव के लिए अनुदान की व्यवस्था की गई। इसके तहत चमोली जनपद में वर्ष 2018 से अब तक 169 लोगों ने होमस्टे बनाए हैं। पर्यटन विभाग द्वारा वर्ष 2018-19 में 2 लोगों को योजना से आच्छादित किया गया। वर्ष 2019-20 में 17, वर्ष 2020-21 में 27, वर्ष 2021-22 में 14, वर्ष 2022-23 में 35, वर्ष 2023-24 में 32, वर्ष 2024-25 में 31 तथा चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 11 लोगों को योजना का लाभ दिया गया है।

जिले की दूरस्थ उर्गम घाटी, वांण, जोशीमठ, बदरीनाथ धाम, बेनीताल समेत अन्य पर्यटक और तीर्थ स्थलों के समीप और यात्रा मार्गों पर युवाओं की ओर से होमस्टे का संचालन किया जा रहा है। योजना के संचालन से जहां युवाओं को घर पर स्वरोजगार मिल रहा है वहीं पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को आवासीय सुविधा भी मिल रही है।  उपलब्ध हो रही है।

जिला पंर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान के साथ लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। ब्याज पर ही सालाना डेढ लाख तक की धनराशि लाभार्थियों को दी जा रही है।

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