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गोपेश्वर (चमोली)। पोखरी ब्लॉक के कलसीर डांडागैर की युवती के मौत मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस प्रकरण में मृतका की बड़ी बहन के बयान के आधार पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।

बताते चलें कि  युवती अर्चना 4 सितम्बर को गौशाला के अंदर मृत अवस्था में मिली थी। मृतक की बड़ी बहन विनीता ने बताया कि वह जब सुबह 8 बजे के करीब गौशाला गई तो उसने अपनी छोटी बहन अर्चना को गौशाला के अंदर फांसी पर लटका हुआ पाया। डर और समाज में बदनामी के कारण इस बात को किसी को नहीं बताया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस ने इसे हत्या मानते हुए जांच शुरू की।  जांच में लापरवाही पर  पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने तत्कालीन थानाध्यक्ष मनोज शिरोला और एसआई प्रशांत बिष्ट को निलंबित किया। इसके बाद देवेन्द्र पंत को थानाध्यक्ष बनाकर जांच उनके सुपुर्द की गई। इस मामले में 22 सितम्बर को अर्चना के पिता राजकिशोर ने तहरीर दी और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन बड़ी बहन विनीता के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच का रुख बदल दिया है  और अब इसे आत्महत्या का मामला बता रही है। थानाध्यक्ष देवेन्द्र पंत ने यह जानकारी दी।

इस मामले में  प्रधान दीपक कुमार का कहना है कि अर्चना जमीन पर मृत अवस्था में मिली, न कि फांसी पर लटकी पाई गई। वे इस पर कुछ कहने से बच रहे हैं। इस तरह अब पुलिस की जाच ने रूख बदल दिया है।

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By admin

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