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गोपेश्वर (चमोली)। मुख्य विकास अधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड वन संसाधन प्रबन्धन परियोजना की जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। इसमें सीडीओं ने योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की बात कही।

बैठक में अलकनंदा वन प्रभाग की डीएफओ प्रियंका सुंडली ने जानकारी दी कि उत्तराखण्ड वन संसाधन प्रबन्धन परियोजना के तहत वित्त पोषित ऐजन्सी जापान इन्टरनेशनल कॉरपोरेशन ऐजंसी (जायका) के अर्न्तगत वर्ष 2013-14 प्रारम्भ राज्य के े 9 जनपदों एवं 13 वन प्रभागों में चल रही है। इसमें परियोजना प्रबन्धन इकाई, प्रभागीय प्रबन्धन इकाई व क्षेत्रीय प्रबन्धन इकाई शामिल है।

डीएफओ ने कहा कि जून 2013 में आई दैवीय आपदा से कई स्थानों में वन क्षेत्रों में भू-स्खलन से वन मार्ग, भवन व अन्य इन्फ्रास्ट्रचर क्षतिग्रस्त हुए हैं। ऐसे आरक्षित वनों, सिविल/सोयम वनों एवं वन पंचायतों के प्रबन्धन के अधीन आने वाले पंचायती वनों की दशा में सुधार देखते हुये वन संसाधनों की वृद्वि उनके संवर्द्वन/ईको रेस्टोरेशन, ग्रामीणों के आजीविका संसाधनों में वृद्वि, ग्राम स्तर पर ग्रामीणों की आजीविका गतिविधि से आय में वृद्वि करने, स्थानीय समुदाय, वन पंचायतों व वन कर्मियों का क्षमता विकास करने को लेकर कार्य योजना तैयार परियोजना संचालित की जा रही है जो 2014 से वन पंचायत स्तर पर परियोजना कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में किया गया जो कि मौजूदा समय में भी जारी है।

 मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी ने सभी रेखीय विभागों को निर्देश देते हुये बताया कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोंगों तक पहुंचाएं। उन्होंनें डीएफओ अलकनन्दा वनप्रभाग को निर्देश दिये कि इस सम्बन्ध में अपनें सभी इनपुट शासन स्तर को उपलब्ध करायें।

इस दौरान परियोजना अधिकारी आनंद सिंह भाकुनी, जिला विकास अधिकारी केके पन्त, मुख्य उद्यान अधिकारी नितेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।

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